मुरादाबाद। कौमार्य सर्टिफिकेट मांगकर विवादों से घिरे मदरसा जामिया एहसान-उल-बनात के मामले में विदेशी फंडिंग की जांच की जाएगी। इस मामले में डीएम ने एक कमेटी गठित कर दी है। कमेटी बैंक खातों का पुराना रिकार्ड इकट्ठा कर रिपोर्ट देगी।
डीएम अनुज सिंह ने इस मामले में पुलिस अधिकारियों से राय मशविरा करने के बाद एडीएम प्रशासन गुलाब चंद्र के नेतृत्व में एक कमेटी गठित कर दी। इस कमेटी में मुख्य कोषाधिकारी रेनू बौद्ध के अलावा एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह शामिल हैं। डीएम ने बताया कि कमेटी मदरसे के खातों के रिकार्ड को खंगालेगी। इस जांच से स्पष्ट होगा कि मदरसे को कहां कहां से फंडिंग मिली है।
कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के कई मदरसों को 12 साल पहले खाड़ी देशों से फंडिंग की गई थी। इस मामले की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन जांच कराने के लिए सक्रिय हो गया। इधर एसडीएम सदर डॉ. राम मोहन मीणा ने भी मदरसे के मामले में डीएम को अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंपी है। एसडीएम और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसे के रिकार्डों की जांच की थी। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर एडमिशन सेल के प्रभारी एवं बिहार के पूर्णिया जिले के रानी पत्रा थाना क्षेत्र के पुरखरिया निवासी मो. शाहजहां को गिरफ्तार किया था। पुलिस प्रधानाचार्य रहनुमा और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।