मुरादाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुरादाबाद में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए डीपीआर मांग ली है। जल्द ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में भी रखा जा सकता है। पंचायती राज मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह ने विश्वविद्यालय का प्रस्ताव पास होने की उम्मीद व्यक्त की है।
मुरादाबाद मंडल में करीब ढाई सौ राजकीय, अशासकीय और निजी महाविद्यालयों में लगभग डेढ़ लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन कोई सरकारी विश्वविद्यालय नहीं होने की वजह से सभी विद्यार्थियों को समस्या के समाधान के लिए बरेली स्थित एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। प्रदेश में मुरादाबाद अकेला ऐसा मंडल है, जिसमें कोई राज्य विश्वविद्यालय नहीं है। करीब 45 वर्षों से मुरादाबाद में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग उठती है। राजकीय पालीटेक्निक के मैदान में विश्वविद्यालय स्थापना के लिए पहले शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसके बावजूद 12 दिसंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मुरादाबाद दौरे के समय भी नगर विधायक रितेश गुप्ता ने विश्वविद्यालय स्थापना की मांग की थी। इस पर सीएम ने जिलाधिकारी से दोबारा प्रस्ताव मांगा था, जिस पर डीएम राकेश कुमार सिंह ने तत्काल प्रस्ताव भेज दिया था। उप्र बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष और महाराजा हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. विशेष गुप्ता ने बताया कि वर्ष 1975 में सरकारी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए संघर्ष किया था, लेकिन मुरादाबाद के बजाय बरेली में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना हुई। मुरादाबाद में विश्वविद्यालय स्थापना से यहां का सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक विकास होगा। छात्रों की समस्या का समाधान आसानी से होगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार मुरादाबाद में मेडिकल कालेज की स्थापना के लिए भी मंथन कर रही है।
मुरादाबाद में राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री गंभीर हैं। उन्होंने प्रस्ताव मांग लिया है। कैबिनेट में इसको मंजूरी दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। सरकारी विश्वविद्यालय मुरादाबाद मंडल के लिए बहुत आवश्यक है। इसके अलावा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के सेंट्रल हस्पताल में मेडिकल कालेज का प्रस्ताव भी है। यदि ये दोनों प्रस्ताव मंजूर हो जाएं तो मुरादाबाद की एक बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा।
चौधरी भूपेंद्र सिंह, पंचायती राज मंत्री।