पाकबड़ा। नगर के बुधबाजार निवासी शाइस्ता की मौत के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। शादी के मात्र एक साल 14 दिन बाद हुई इस संदिग्ध मौत ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। मृतक के भाई सलमान का आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों के साथ साठगांठ कर ली है और मुख्य आरोपी पति को छोड़कर बाकी सभी नामजद ससुराल वालों को विवेचना से बाहर कर क्लीन चिट दे दी है। अब पीड़ित परिवार डीआईजी और एडीजी बरेली जोन से न्याय की गुहार लगा रहा है।
पाकबड़ा निवासी शाइस्ता का निकाह 24 नवंबर 2024 को संभल के हजरत नगर थाना क्षेत्र के छछेरा निवासी नदीम के साथ हुआ था। नदीम पेशे से चिकित्सक है। शादी को अभी महज एक साल और 14 दिन ही हुए थे और शाइस्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
मौत के बाद शाइस्ता के भाई सलमान ने पति नदीम, सास शाहजहां, ससुर भूरा, दो ननद और एक ननदोई के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद विसरा सुरक्षित रख लिया था। हाल ही में आई विसरा रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि कर दी कि शाइस्ता की मौत जहर के सेवन से हुई थी। सलमान का दावा है कि सीओ ने विवेचना के दौरान पति नदीम को छोड़कर बाकी सभी पांच नामजद आरोपियों के नाम हटा दिए। सलमान ने डीआईजी और एडीजी बरेली जोन से मिलकर मामले की विवेचना किसी अन्य जिले से कराने की मांग की है।