सहकारी गन्ना विकास समिति बिलारी की शुक्रवार दोपहर हुई वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में एक ग्राम डेलीगेेट और गन्ना पर्यवेक्षक के बीच जमकर नोकझोंक हो गई। बैठक की कार्रवाई के दौरान ही बकैनिया चांदपुर के ग्राम डेलीगेट अमर सिंह ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र पर तैनात गन्ना परिषद के पर्यवेक्षक द्वारा गन्ना सर्वे करने के बदले सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है। उधर जवाब में गन्ना पर्यवेक्षक शिवराम सिंह ने कहा कि ग्राम डेलीगेट गन्ने का सर्वे गलत कराना चाहते हैं। उन पर अनावश्यक दबाव डालकर धमकी देते रहते हैं। दोनों ओर से आरोप प्रत्यारोप के बाद नोकझोंक शुरू हो गई। डेलीगेट के समर्थन में अन्य डेलीगेट भी अपनी कुर्सी से खड़े होकर हंगामा करने लगे। बाद में समिति के निवर्तमान चेयरमैन अरविंद मोहन और समिति के सचिव आरके पाठक ने यह कहते हुए मामले को शांत किया कि ग्राम डेलीगेट की ओर से लिखित शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सहकारी गन्ना विकास समिति बिलारी की वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के लाभ का बजट पारित किया गया। इस दौरान कई ग्राम डेलीगेटों ने गन्ना सर्वे में गड़बड़ी के आरोप लगाए। इस दौरान गन्ना विभाग के अधिकारियों ने नई सर्वे नीति की जानकारी दी।
नगर में स्टेशन रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में बुलाई गई गन्ना समिति की वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक में बड़ी संख्या में ग्राम डेलीगेट पहुंचे। बैठक शुरू होते ही इस बात को लेकर हंगामा शुरू हो गया कि सामान्य निकाय की बैठक का एजेंडा सभी ग्राम डेलीगेटों पर समय से नहीं पहुंच पाया है। तिगरी गांव निवासी ग्राम डेलीगेट योगराज सिंह ने आरोप लगाया कि उनके नाम से भेजे गए बैठक के एजेंडे पर विभागीय कर्मियों की लापरवाही से उनका नाम और पता सही लिखा हुआ नहीं था।
कई ग्राम डेलीगेटों ने बैठक में खुलेआम गन्ना सर्वे में गड़बड़ी करने के आरोप लगाने शुरू कर दिए। कुछ ग्राम डेलीगेटों ने चीनी मिलों पर गन्ना मूल्य भुगतान में देरी करने का भी आरोप लगाया। गन्ना समिति बिलारी के सचिव आरके पाठक ने गन्ना समिति का वार्षिक बजट पेश करते हुए कहा कि गन्ना समिति को लगभग तीन करोड़ 82 लाख रूपये की आय होगी और दो करोड़ 42 लाख रूपये का खर्च आएगा अर्थात् लगभग डेढ़ करोड़ रूपये के लाभ का बजट पेश किया गया।
गन्ना विकास परिषद बिलारी के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक संजीव कुमार ने नई गन्ना सर्वे नीति और गन्ना सट्टा नीति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने किसानों की मांग पर कहा कि अब जिस गांव में भी गन्ना परिषद की टीम सर्वे करने जाएगी वहां पहले से ही किसानों को सूचना दे दी जाएगी। बैठक में गन्ना समिति बिलारी के निवर्तमान अध्यक्ष अरविंद मोहन के अलावा राम औतार सिंह यादव, चौधरी अजय सिंह, नरेश कुमार सिंह, नवनीत गुप्ता भाकियू नेता चौधरी महक सिंह आदि ने विचार रखे।