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Moradabad News: दावे हवा-हवाई... शहर में कई जगह अधूरी है नालों की सफाई

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मुरादाबाद। मानसून से पहले नाला सफाई के दावों की असलियत जाननी हो तो लोकोशेड पुल, गांधी नगर और जीएमडी रोड का एक चक्कर काफी है। तीनों स्थानों पर आपको नगर निगम की कागजी सफाई और मौके की गंदगी का फर्क साफ दिखाई देता है। तीनों जगह नालों की हालत बता रही है कि सफाई के दावे जितने बड़े हैं, जमीन पर काम उतना ही छोटा। कहीं नाले गाद से पटे हैं, कहीं प्लास्टिक और कूड़े ने बहाव रोक रखा है।
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लोकोशेड पुल के पास

लोकोशेड पुल के पास नाले की हालत सबसे ज्यादा चिंताजनक दिखी। नाले में गाद की मोटी परत जमी है और ऊपर से पॉलीथिन, प्लास्टिक, घरेलू कूड़ा और सड़ती गंदगी तैरती नजर आई। कई हिस्सों में पानी का बहाव लगभग थमा हुआ मिला। साफ दिख रहा है कि यहां सफाई या तो हुई ही नहीं, या सिर्फ खानापूरी कर दी गई। पुल के पास यह स्थिति इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि बारिश में यहीं से पानी का दबाव तेजी से बढ़ता है।




गांधी नगर



गांधी नगर में नाले की हालत यह बताने के लिए काफी है कि सफाई के दावे फाइलों से बाहर नहीं निकले। यहां नाले में गाद और कूड़े की इतनी भरमार है कि कई जगह उसकी चौड़ाई तक सिमट गई है। प्लास्टिक और ठोस कचरे ने बहाव को बाधित कर रखा है। बरसात में यही रुकावट जलभराव की वजह बनती है, लेकिन अभी भी हालात सुधरते नहीं दिख रहे।
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जीएमडी रोड

जीएमडी रोड पर नाले में प्लास्टिक, सिल्ट और कूड़े का जमाव साफ दिखाई दिया। कई हिस्सों में नाले का पानी गंदगी के बीच फंसा मिला। इससे साफ है कि निकासी व्यवस्था पटरी पर नहीं है। सड़क किनारे बसे इस इलाके में नाले की ऐसी हालत सीधे आवाजाही और आसपास की बस्तियों के लिए खतरे की घंटी है। नाला कूड़े से भरा है और जल निकासी की व्यवस्था नहीं है।

वर्जन

शहर में नालों की सफाई का काम चरणबद्ध तरीके से हो रहा है। अंडरग्राउंड नाले भी साफ किए गए हैं। जहां शिकायत मिल रही है, टीम जाकर कार्य करती है। लोगों की समस्या सुनने के लिए वार्डों में जन चौपाल लगाई जा रही है।
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- अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त
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