मुरादाबाद। शासन के निर्देश पर मुरादाबाद जिले में भी वक्फ की संपत्तियों का सत्यापन किया गया। प्रशासन के रिकॉर्ड में वक्फ की लगभग 2800 संपत्तियां दर्ज हैं, जिनकी पुष्टि सत्यापन से हुई है। वहीं वक्फ बोर्ड के वामसी पोर्टल के मुताबिक दावा 8000 से ज्यादा संपत्तियों पर है। प्रशासन के सत्यापन में दावे की कुल 35 फीसदी संपत्तियां ही वक्फ की निकलीं।
दो माह पहले इसकी रिपोर्ट संयुक्त समिति को भेजी जा चुकी है। एक रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि प्रदेश में वक्फ बोर्ड की सबसे अधिक संपत्तियां मुरादाबाद में हैं, जबकि प्रशासनिक स्तर से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मुरादाबाद में संपत्तियां सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड में बंटी हुई हैं। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक यह संपत्तियां हैं। इनमें कृषि भूमि, आवास, दुकान, स्कूल और मदरसे संचालित हो रहे हैं।
इनके अलावा कई जगह कब्रिस्तान व मस्जिद भी वक्फ की जमीन पर हैं। वक्फ बोर्ड का दावा है कि इन संपत्तियों से होने वाले लाभ को दीनी शिक्षा और जन कल्याण में खर्च किया जाता है। फिलहाल प्रशासनिक स्तर से कोई कार्रवाई या आगे की जांच नहीं की जा रही है। शासन को सिर्फ रिपोर्ट भेजी गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक वक्फ के दावे वाली 8000 संपत्तियों में कुछ ऐसी भी हैं, जो एक परिसर में हैं, लेकिन उन्हें अलग-अलग दर्शाया गया है। नए वक्फ विधेयक के बाद इन संपत्तियों पर असर देखनेे को मिल सकता है। इसको लेकर जिला स्तर पर अधिकारियों को फिलहाल कोई निर्देश नहीं मिले हैं। कुछ संपत्तियों पर विवाद चल रहा है, जिनके निस्तारण के लिए अधिकारी जुट गए हैं।