रामलीला कमेटी और पुलिस की बदइंतजामी की वजह से लाइनपार रामलीला मैदान में रावण का जलता हुआ पुतला भीड़ के ऊपर गिर गया। दर्दनाक हादसे में सिविल डिफेंस के एक वार्डन की मौत हो गई जबकि एक किशोर घायल हो गया।
पुतला गिरते ही पब्लिक रावण की अस्थियां लूटने दौड़ी पब्लिक ने भी जमीन पर गिरे वार्डन को पैरों तले कुचल दिया। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं। आधी रात तक वार्डन के घर वाले पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा कर रहे थे। डीएम ने दस लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है। शासन से भी मदद दिलाई जाएगी।
मझोला थाना क्षेत्र में स्थित लाइनपार रामलीला मैदान में यह हादसा रात करीब साढ़े दस बजे हुआ। रावण के पुतले को आग लगाई जा चुकी थी। पुतला गिरते वक्त पब्लिक उसकी जद में न आए इसके लिए चारों ओर रस्सी का घेरा बनाया गया था।
रस्सी पर पुलिस कर्मियों और सिविल डिफेंस के वार्डनों की ड्यूटी लगाई गई थीं। मुगलपुरा थानाक्षेत्र के गुड़िया मोहल्ला निवासी सिविल डिफेंस के सेक्टर वार्डन धर्मेंद्र दिवाकर (30) पुत्र मुन्ना लाल दिवाकर भी रस्सी पर ड्यूटी दे रहे थे।
पब्लिक बेकाबू होती दिखी तो आयोजकों की टीम में से किसी ने वक्त से पहले पुतले की रस्सियां खोल दीं। जिसकी वजह से पुतला तय एरिया में गिरने के बजाए उस साइड गिर गया जहां भीड़ थी। जलता पुतला भीड़ के ऊपर गिर पड़ा, जिसमें धर्मेंद्र दिवाकर दब गए। इसके बाद भगदड़् मच गई। जिसमें धर्मेंद्र भीड़ के पैरों तले दब गए।
पुलिस ने लाठियां भांजकर किसी तरह भीड़ को तितर बितर किया और तुरंत धर्मेंद्र को साईं अस्पताल पहुंचाया लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में एक 16 वर्षीय किशोर प्रियांश निवासी बंगला गांव भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।
धर्मेंद्र की मौत की खबर पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने कहा कि धर्मेंद्र की हत्या की गई। देर रात तक परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा कर रहे थे। डीएम जुहैर बिन सगीर और एसएसपी नितिन तिवारी मौके पर डटे थे। डीएम ने कहा दस लाख की आर्थिक मदद तत्काल दी जा रही है, बाकी के लिए शासन को लिखा जा रहा है।