मुरादाबाद। हाईवे पर मुरादाबाद से बरेली तक 70 करोड़ की लागत से 150 स्वदेशी कैमरे लगाए जाएंगे। इसमें 22 अत्याधुनिक कैमरे ई चालान करने में सक्षम होंगे। पहले चीनी कैमरे लगाए जा रहे थे जिन पर रोक लगा दी गई थी। कुछ लग भी गए थे जिन्हें उखाड़ दिया गया।
एनएचएआई ने मुरादाबाद - बरेली हाईवे पर कैमरे लगाने के लिए अब स्टार कंपनी का टेंडर पास किया है। तय किया गया है कि एक फरवरी से कैमरे लगाने का काम शुरू किया जाएगा। मुरादाबाद से बरेली जिले के ग्राम रजऊ परसपुर तक उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएमएस) के तहत 121 किमी मार्ग पर निगरानी के लिए 150 कैमरे लगाए जाएंगे। इसमें 22 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्सन एंड इंफोर्समेंट सिस्टम (वीआईडीईएस) कैमरे लगेंगे। वीआईडीईएस कैमरे यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर ई-चालान करने में सक्षम होंगे। पुलिस और अन्य एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर लाइव कैमरे का फीडबैक मिलेगा। कैमरों को लगाने में करीब 70 करोड़ की लागत आएगी। हाईवे पर मैसेज दर्शाने के लिए 26 स्थानों पर पोर्टल सिस्टम लगाए जाएंगे। कैमरों को लगाने के लिए 126280 मीटर लंबी ओएफसी केबल बिछाई जाएगी। बता दें कि इसके पहले इस मार्ग पर चाइनीज कैमरे लगाने का काम एक कंपनी ने शुरू किया था लेकिन उच्चाधिकारियों के निर्देश पर चाइनीज कंपनी का ठेका निरस्त कर दिया गया। निर्णय लिया गया कि देसी कंपनी के अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे।
दो स्थानों पर बनेंगे कमांड सेंटर
एनएचएआई के पीडी प्रवीण जिंदल के अनुसार मुरादाबाद हाई वे पर स्थित पुराना टोल प्लाजा और थिरिया खेतल टोल प्लाजा पर कमांड सेंटर बनाए जाएंगे। दोनों स्थानों पर एटीएमएस के साफ्टवेयर कार्य करेंगे। कमांड सेंटर बनाने से पहले बिजली का कनेक्शन भी लेना होगा। एक फरवरी से आप्टिकल फाइबर लाइन बिछायी जाएगी। इस कार्य में करीब छह माह लगेंगे। इसी प्रकार मुरादाबाद - हापुड़ मार्ग के 100 किमी लंबाई में कैमरे लगाने की योजना है। इसके लिए प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। अभी प्रस्ताव विचाराधीन है।