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तीन तलाक के बाद हुआ बच्चों का बंटवारा

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मुरादाबाद। चार साल पहले परिवारों के विरोध के बावजूद प्रेम विवाह करने वाले प्रेमी जोड़े के बीच अलगाव हो गया। पत्नी ने पति पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया तो उसने साफ इनकार कर दिया। मामला नारी उत्थान केंद्र तक पहुंच गया। यहां आपसी सहमति से दोनों ने अलग अलग राह चुन ली है। इनकी दो बेटियां हैं। जिन्हें पति पत्नी ने बांट लिया। बड़ी बेटी पिता के साथ रहेगी, जबकि छोटी बेटी की परवरिश की जिम्मेदारी मां के हिस्से आई है।
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कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले एक युवक ने चार साल पहले मूंढापांडे क्षेत्र निवासी युवती से प्रेम विवाह किया था। दोनों अलग अलग समुदाय से हैं। युवक का परिवार हिंदू और युवती का परिवार ईसाई धर्म से ताल्लुक रखता है। हालांकि दोनों के परिजन इस विवाह के विरोध में थे। बावजूद इसके प्रेमी प्रेमिका एक दूसरे से अलग रहने को तैयार नहीं हुए थे। शादी करने के बाद दंपती पंजाब चला गया। वहां दो साल तक रहे, इसके बाद वापस आ गए। कुछ दिन यहां आकर परिवार से अलग दोनों किराए के मकान में रहे। मार्च 2020 को युवती अपने मायके चली गई। इसके बाद से दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई। दोनों की दो बेटियां भी हैं। एक बेटी तीन साल और दूसरी बेटी चार माह की है। युवती ने पति और उसके परिवार पर दहेज की मांग करने का आरोप लगाते हुए एसएसपी कार्यालय में एक प्रार्थना पत्र दे दिया। इस प्रार्थना पत्र को काउंसलिंग के लिए नारी उत्थान केंद्र भेज दिया गया। यहां दोनों पक्षों को सुना गया। तब युवक ने बताया कि पत्नी और उसके मायके वाले दबाव बना रहे हैं कि वह धर्म परिवर्तन कर ले। लेकिन युवक ने धर्म परिवर्तन करने से इनकार कर दिया है। जबकि युवती ने आरोप लगाया कि पति शराब का आदी है। जिस कारण उसके साथ मारपीट करता है। नारी उत्थान केंद्र की काउंसलर रीतू नारंग ने बताया कि दोनों के बीच समझौता हो गया। इनकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी पिता और छोटी बेटी मां के साथ रहेगी। दोनों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया है। इस दौरान दोनों काफी देर तक रोते रहे। इसके बाद अपने अपने घर चले गए।
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