डीएम ने कक्षा चार और पांच में जाकर बच्चों से किताब पढ़वाया। उन्होंने पुस्तक में लिखे शब्दों के अर्थ पूछे तो कोई भी बच्चा सही उत्तर नहीं दे सका। इस मामले में उन्होंने प्रधानाध्यापक को पढ़ाई का स्तर ठीक करने की हिदायत दी। डीएम ने विद्यालय में दिए जाने वाले मिडडे मिल के मेनू के अनुसार बनी तहरी को खाकर टेस्ट किया। इस दौरान विद्यालय में रखे दूध की जांच कराने के लिए मौके पर खाद एवं औषधि विभाग के अधिकारी को बुलाया और दूध का सैंपल भरवाकर उसे चेक कराया। निरीक्षण में पाया गया कि एक कक्ष में तीन कक्षाएं और दूसरे कक्ष में दो कक्षाएं एक साथ चलाई जा रही हैं। विद्यालय में 5 कमरे उपलब्ध हैं। यहां चार अध्यापक भी कार्यरत है। गंभीर अनियमितता पाए जाने पर डीएम ने प्रधानाध्यापक तहव्वुर हुसैन को निलंबित कर बीएसए को विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्कूल में अध्यापकों को मन से पढ़ाना होगा। मनमानी अधिक दिनों तक नहीं चल पाएगी। जिलाधिकारी के निरीक्षण की जानकारी मिलने के बाद आसपास के स्कूलों के अध्यापक सकते में आ गए हैं।