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Moradabad News: तेंदुए के हमले में घायल बालक की हालत गंभीर, आईसीयू में भर्ती

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कांठ। तेंदुए के हमले से घायल पांच वर्षीय लव्यांश का मुरादाबाद के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जहां दूसरे दिन शुक्रवार को भी उसकी हालत गंभीर बनी रही। डीएफओ वन अविनाश पांडे ने अस्पताल पहुंचकर घायल बच्चे का हाल जाना और परिजनों से बात कर उन्हें आश्वासन दिया।
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कांठ के गांव सलेमपुर के मझरा फजलाबाद निवासी राजीव कुमार बृहस्पतिवार की शाम खेत पर पत्नी ललिता सहित अन्य परिजनों के साथ गेहूं की गहाई कर रहे थे। यहीं पास में उनका पांच साल का बेटा लव्यांश भी खेल रहा था। तभी अचानक गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने लव्यांश पर हमला कर दिया था, वह उसे खींचकर ले जा रहा था कि राजीव और उनकी पत्नी तेंदुए से भिड़ गए थे और उन्होंने बेटे को उसके चंगुल से छुड़ा लिया था लेकिन इस हमले में मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया था, उसे सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन परिजनों ने उसे बेहतर इलाज के लिए मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां शुक्रवार को दूसरे दिन भी उसकी हालत गंभीर बनी रही। चिकित्सकों ने लव्यांश को बेहतर इलाज के लिए अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती किया हुआ है। परिजनों के अनुसार उसकी हालत में अभी सुधार नहीं है। वहीं शुक्रवार को डीएफओ वन अविनाश पांडे ने अस्पताल पहुंचकर घायल बच्चे का हाल जाना और चिकित्सकों से भी बात कर बेहतर इलाज के लिए कहा। डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।




तेंदुए के हमले में घायल बेटे को लेकर मां दुखी
कांठ। गांव सलेमपुर के मझरा फजलाबाद मासूम लव्यांश के तेंदुए के हमले में गंभीर घायल होने के बाद उसकी मां ललिता काफी दुखी है। तेंदुए द्वारा उनके बेटे पर हमले और उसे खींचकर ले जाने का मंजर उसकी आंखों के सामने घूम रहा है। हालांकि उसने हिम्मत जुटाते हुए तेंदुए से अपने जिगर के टुकड़े को बचा तो लिया, लेकिन उसके गंभीर घायल होने पर वह काफी दुखी है। संवाद
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फजलाबाद के जंगल में तेंदुआ पकड़ने के लिए लगाया पिंजरा
कांठ। गांव सलेमपुर के मझरा फजलाबाद के जंगल में बृहस्पतिवार को तेंदुए द्वारा मासूम लव्यांश पर हमला का उसे गंभीर घायल किए जाने के बाद शुक्रवार को मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तेंदुए की तलाश में कॉम्बिंग करते हुए ग्रामीणों और किसानों को भी जागरूक किया। इसी के साथ वन विभाग की टीम ने शुरूवार को उस स्थान पर भी तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया। इस दौरान टीम ने बृहस्पतिवार की शाम घटी पूरी घटना की जानकारी जुटाते हुए ग्रामीणों के बयान भी दर्ज किए। गांव में गोष्ठी कर वन दरोगा राजेंद्र सिंह, अमरजीत सिंह आदि ने ग्रामीणों से अपील की है कि वह अपने बच्चों को खेतों पर न लेकर जाएं। साथ ही शाम होते ही बच्चों को घरों के अंदर रखें। वह खेतों पर भी अकेले न जाएं, समूह के रूप में हाथों में लाठी-डंडे लेकर ही जाएं। ग्रामीणों से भी अपील की गई कि यदि तेंदुआ दिखाई दे तो वह उसे छेड़ें नहीं, बल्कि इसकी उन्हें सूचना दें। ग्राम प्रधान सलेमपुर सचिन चौधरी, राजीव कुमार, अरविंद कुमार, मोहम्मद सलमान आदि ने तेंदुए को पकड़ने की मांग वन विभाग के अधिकारियों से की है।
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फोटो सं. 06, 07, 08, 09
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