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मुरादाबाद में बोले सीएम योगी-पूर्वांचल की क्षमता और सामर्थ्य को पहचानने की आवश्यकता

Sat, 12 Dec 2020 11:42 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : एएनआई
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार के निरंतर और गंभीर प्रयास से पिछले साढ़े तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश के प्रति लोगों की धारणा में सकारात्मक बदलाव आया है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास, शासन-प्रशासन के संबंध में अब देश और दुनिया में कोई प्रश्न नहीं खड़ा कर सकता। 
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मुख्यमंत्री मुरादाबाद सर्किट हाउस से वर्चुअल  प्लेटफार्म के जरिए गोरखपुर में आयोजित राष्ट्रीय वेबिनार व संगोष्ठी ‘पूर्वांचल का सतत विकास, मुद्दे, रणनीति एवं भावी दिशा’ का समापन का कर रहे थे। 

संगोष्ठी का शुभारंभ सीएम ने ही 10 दिसंबर को गोरखपुर में किया था। शनिवार को मुरादाबाद में उन्होंने वेबिनार के जरिए इसमें  शामिल होते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद 6 वर्षों में भारत के बारे में विश्व में जो धारणा थी, उसमें व्यापक सकारात्मक बदलाव आया है। 
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पूर्वी उत्तर प्रदेश के संबंध में यह सोच है कि यह क्षेत्र गरीब और पिछड़ा है, जबकि प्रकृति और परमात्मा ने पूर्वी उत्तर प्रदेश को सर्वाधिक समृद्ध क्षेत्र बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश के कृषि विज्ञान केन्द्र, परिषदीय प्राथमिक विद्यालय जैसी संस्थाएं आश्रित हो गई थीं और अपने दायित्वों की उपेक्षा कर रही थीं। 
 

सरकार ने इन संस्थाओं, प्रशासनिक मशीनरी, जनप्रतिनिधियों को प्रेरित कर सक्रिय किया। ऑपरेशन कायाकल्प में प्राथमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाएं सुलभ कराई गईं। गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण बनाने के लिए कदम उठाए गए। परिणामस्वरूप विगत तीन वर्षों में परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या में 54 लाख की वृद्धि हुई है।

हर जिले के बेहतर उत्पादों को तलाशा
सीएम ने कहा कि प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए नौजवानों, किसानों, महिलाओं, बुद्धिजीवी जनता और संस्थाओं को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आने के बाद प्रदेश के विकास के उद्देश्य से एक मैपिंग करायी गई। इससे पता चला कि प्रदेश के 75 जनपदों में से 57 के अपने विशिष्ट परंपरागत उत्पाद हैं। 

वाराणसी की साड़ी, भदोही के कालीन, अलीगढ़ का हार्डवेयर, मुरादाबाद का पीतल का काम, कन्नौज का इत्र, फिरोजाबाद का कांच का कार्य जैसे ही अन्य जनपदों के परंपरागत उत्पाद प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कहा कि शेष 18 जनपदों की विशिष्टताओं जैसे-सिद्धार्थनगर का काला नमक चावल, मुजफ्फरनगर का गुड़ आदि को चिह्नित करके एक जनपद-एक उत्पाद योजना प्रारम्भ की गयी।


मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनपद-एक उत्पाद योजना वर्तमान में देश की सबसे लोकप्रिय योजना है। यह योजना प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत का आधार बन गई है। स्थानीय उत्पाद के साथ स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार व स्वत: रोजगार की संभावनाओं के साथ जोड़कर आर्थिक विकास के नये आयाम तय किए जा सकते हैं।
 
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हमारे नौ क्लाइमेट जोन हमारी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 09 क्लाइमेटिक जोन हैं। यह सभी जोन प्राकृतिक संसाधनों से युक्त हैं। इन संसाधनों से पूरी दुनिया की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में जल संसाधन, उपजाऊ भूमि, बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध है। प्रधानमंत्री ने देश का पहला वॉटर-वे हल्दिया से उत्तर प्रदेश को जोड़ने के लिए ही बनाया है।
 
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