मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने मुरादाबाद मंडल के उद्यमियों और निर्यातकों को आश्वस्त किया कि उद्योगों को बढ़ावा देने में सिस्टम आड़े नहीं आएगा। उन्हें सरकार की ओर से हर संभव मदद मिलेगी, जिससे कि उनके परंपरागत उद्योगों की पहचान बने और इसमें काम करने वाले मजदूर से लेकर उद्यमी आर्थिक रूप से संपन्न बन सकें। उन्होंने कहा कि जीएसटी में आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए हर महीने होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में आप सभी का पक्ष रखेंगे।
सर्किट हाउस में मंडल भर के ‘एक जिला और एक उत्पाद’ से जुड़े उद्यमियों तथा निर्यातकों के साथ मुख्यमंत्री ने बैठक की। जिसमें उन्होंने एनओसी, एफएआर, सिंगलविन्डो सिस्टम में आने वाली समस्याएं बताईं। जिनका मुख्यमंत्री ने निराकरण कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि परंपरागत उद्योगों की पहचान और उनको बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार पूरी मदद करेगी।
सभी जिलों के परंपरागत एक उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार ने बजट में अतिरिक्त व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद के उद्योगों की मैपिंग, मार्केटिंग, डिजायनिंग आदि की व्यवस्था की जा रही है। अगले माह प्रदेश के सभी जिलों के एक एक उत्पाद को लेकर लखनऊ में बड़ा आयोजन होगा। जिसमें राष्ट्रपति और पीएम भी शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि मुरादाबाद का मेटल हैंडीक्राफ्ट, संभल का हड्डी सींग, बिजनौर की काष्ठ कला, अमरोहा का ढोलक और रामपुर के जरी पैच वर्क देश एवं दुनिया भर के बाजारों में लोकप्रिय हैं। इन उत्पादों की लोकप्रियता बरकरार रखने के लिए सरकार समय -समय पर सुझाव मांगेगी और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ संगठन के पदाधिकारियों की बैठक में गंभीर दिखे। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए बनाए जा रहे वोटों के प्रति हमारे कार्यकर्ता गंभीर नहीं है, जबकि सपा के कार्यकर्ता बोगस वोट बनवाने में लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी 52 लाख वोट नहीं बने हैं, इन वोटों को बनवाने के लिए कार्यकर्ता बूथ स्तर पर काम करें। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि वह कार्यकर्ताओं की उपेक्षा न करें, उन्हें पूरा सम्मान दिया जाए।