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Moradabad News: गर्मी से तपा चेस्ट वार्ड....मरीजों का जल रहा कलेजा

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मुरादाबाद। भीषण गर्मी से जिला अस्पताल की बिल्डिंग तप रही है। शनिवार को तो पारा 42 डिग्री रहा। दूसरी और तीसरी मंजिल पर बने वार्ड में तो दोपहर के वक्त बेचैनी रही। दूसरी मंजिल पर स्थित चेस्ट वार्ड में कूलर लगे हैं लेकिन राहत नहीं दे पा रहे। हाल पूछने पर मरीज भी गुस्सा जाते हैं। सुरेश ने कहा कि पांच दिन पहले सांस लेने में परेशानी होने पर भर्ती हुआ था। तब से किसी ने कूलर का पानी तक नहीं बदला है। गर्म हवा फेंक रहा है। हमेशा यहां बेचैनी से रहती है। कई दूसरे वार्डों में भर्ती मरीजों की भी यही पीड़ा थी। जिन वार्ड में एसी लगे हैं वहां भी राहत नहीं है।
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जिला अस्पताल में शनिवार को ओपीडी में 1250 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इसके साथ ही रात 12 बजे से शाम छह बजे तक 117 मरीजों को भर्ती किया गया। बर्न वार्ड में भर्ती मरीज रवि ने बताया कि एसी चल रही है, लेकिन कूलिंग नहीं हो रही है। इसी वार्ड के कर्मचारी ने बताया कि यहां पर ठंडे पानी का भी इंतजाम नहीं है।
जीरियाटिक वार्ड में भर्ती करूला निवासी मोहम्मद असगर अली ने बताया कि बुखार की वजह से वह पिछले 18 दिन से अस्पताल में है। सांस फूलने की भी परेशानी है। वार्ड में लगा एसी ठंडा नहीं कर पा रहा। पंखों की हवा गर्म लग रही है। जब गर्मी बर्दाश्त नहीं हुई तो अपने घर से पंखा मंगवाया है।
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आयुष्मान वार्ड में भर्ती दसवां घाट निवासी रंजीत ने बताया कि सांस लेने में समस्या होने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वार्ड में दो पंखें लगे हैं। गर्मी की वजह से उनसे गर्म हवा आती है। मेरा बेड एक कोने में होने के कारण वहां पर पर्याप्त हवा भी नहीं है। इसकी वजह से बहुत परेशानी हो रही है।

मरीजों का कहना


मेरे जेठ के बेटे को आज ही अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्यास लगने पर मैं बोतल में ठंडा पानी भरने के लिए आई थी, लेकिन यहां के वॉटर कूलर में पानी गर्म आ रहा है। अब मुझे पता भी नहीं है कि यहां पर ठंडा पानी कहां मिलेगा।
फरजाना, गुरेर

पुनीत कश्यप ने बताया कि मेरे भाई की टांग में चोट लगने की वजह से उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां पर वाटर कूलर की मशीन तो चल रही है, लेकिन पानी गर्म आ रहा है। मैंने यहां अन्य तीमारदारों से पूछा तो उन्होंने कहा कि ठंडा पानी लाने के लिए नीचे जाना पड़ेगा।

पुनीत कश्यप, लाइनपार

हो सकता है कि पानी का उपयोग अधिक होने की वजह से ठंडा होने का समय नहीं मिल पा रहा हो। हमारा प्रयास है कि सभी वाटर कूलर चलें। इसके साथ ही एसी और कूलर के सही रखरखाव और वह ठंडा कर रहे हैं या नहीं, इसकी जिम्मेदारी सिस्टम इंजार्च और वार्ड बॉय की है। मैं पता करके व्यवस्थाएं ठीक करवाता हूं।
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डॉ. प्रदीप वाष्र्णेय, सीएमएस
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