एमबीए की परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा
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तीस हजार रुपये महीने किराए का झांसा देकर किसानों से ट्रैक्टर ठगने का मामला प्रकाश में आया है। मुजफ्फर नगर पुलिस ने कांठ में दबिश देकर ऐसे बारह ट्रैक्टर बरामद किए। मुजफ्फरनगर का ही एक किसान खरीददार बनकर आया और पूर्व प्रधान के घर खड़े ट्रैक्टर को अपना बताया।
शुक्रवार को पुलिस ने शेखूपुर के पूर्व प्रधान गजराज सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे कोर्ट में कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। किसान का कहना है कि मुजफ्फरनगर से करीब 250 ट्रैक्टर इस गिरोह ने गायब कर दिए हैं।
छजलैट एसओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि शेखूपुरा में पूर्व प्रधान गजराज सिंह के यहां से नौ और राजाराम के यहां से दो ट्रैक्टर बरामद कि गए हैं। राजराम छापे की सूचना मिलते ही फरार हो गया। इसके अलावा एक ट्रैक्टर छजलैट से पकड़ा गया। पकड़े गए ट्रैक्टरों में अधिकांश ट्रैक्टर गिरोह ने किसानों को झांसा देकर उड़ाए हैं।
इस गिरोह का सरगना मतेंद्र नागर निवासी मथुरापुर, मुरादनगर जनपद गाजियाबाद बताया जा रहा है। मुजफ्फरनगर, मेरठ, मुरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा में इसके गुर्गों का जाल फैला हुआ है। इनके द्वारा किसानों को तीस हजार या उससे भी अधिक मासिक किराया देने का झांसा देकर ट्रैक्टर ले लिया जाता था। बाद में उसे दूर ले जाकर बेच देते थे।
ऐसे कई ट्रैक्टर छजलैट में भी लाकर खपाए गए हैं। मुजफ्फरनगर के खतौली से आए नीरज पुत्र सोमवीर सिंह ने अपने ट्रैक्टर को पहचान लिया। नीरज ने बताया कि जब उनसे और अन्य किसानों से ट्रैक्टर लिए गए थे तो गिरोह के लोगों ने पूरा विश्वास जमाया था।
सात महीने पहले जब उससे ट्रैक्टर लिया गया था तो उन्हें कोरे स्टांप पर हस्ताक्षर कराए गए थे। लेकिन अब मुरादनगर से मतेंद्र नागर भी लापता है। वहीं मेरठ के शाहपुर भटकली निवासी निरंजन सिंह प्रजापति का ट्रैक्टर भी इसी गिरोह ने ठग लिया। मुजफ्फरनगर के पप्पू भी शुक्रवार को अपना ट्रैक्टर देखने के लिए छजलैट आए।