सुरजननगर। मंगलवार को तेंदुए के हमले में मरीं बहापुर बलिया निवासी ब्रह्मो देवी का शव पोस्टमार्टम के बाद बुधवार दोपहर 12 बजे गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार से गांव का माहौल गमगीन हो गया। उनके घर के बाहर ग्रामीणों की भीड़ एकत्र हो गई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में परिजनों ने फीका नदी के पास श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया।
विदित हो कि गांव निवासी ब्रह्मो देवी को गन्ने के खेत में घात लगाकर बैठे तेंदुए ने हमला कर मार डाला था। वह गांव की 15 से अधिक महिलाओं के साथ एक खेत में गन्ने का हरा पत्ता उतारने गई थीं। तेंदुए के हमले के बाद महिला की चीख सुनकर बेटा प्रेम सिंह और अन्य ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़े और तेंदुए से महिला को छुड़ाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।राष्ट्रीय लोक दल नेता विजय यादव, ब्लॉक प्रमुख पति वीर सिंह सैनी आदि नेताओं ने गांव पहुंचकर मृतक ब्रह्मो देवी को श्रद्धांजलि दी। संवाद
शव पहुंचने से पहले गांव में तैनात किया भारी पुलिस बल
मंगलवार की घटना और ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बुधवार को शव गांव पहुंचने से पहले ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। एक क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में चार थानों का भारी पुलिस बल गांव में तैनात कर दिया गया था।