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केसीसी में खेल से करोड़ों का फर्जीवाड़ा होने की आशंका

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मुरादाबाद। सीबीआई की टीम को यहां बड़ा फर्जीवाड़ा होने की आशंका है। दरअसल इस पूरे मामले के तार किसान क्रेडिट कार्डों में गड़बड़झालों तथा कई शाखाओं में मैनेजरों की तैनाती से जुड़े बताए जा रहे हैं। इसके अलावा पहले सीबीआई के कई छापों से इसके तार जुड़े हैं।
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सीबीआई की टीम ने पूरी तैयारी के साथ प्रथमा बैंक के क्षेत्रीय मुख्य कार्यालय और महाप्रबंधक रविकांत के यहां रेड की। इसके लिए दिल्ली और गाजियाबाद की टीमों से संपर्क किया गया। दरअसल टीम को इनपुट मिला है कि किसान क्रेडिट कार्डों में यहां बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। इसी के चलते टीम ने मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिए हैं। मोबाइल की सर्विलांस द्वारा जांच की जा रही है। दो मुख्य बिंदू सामने आ रहे हैं। एक तो मनचाही शाखा में बतौर मैनेजर नियुक्त कराने में खेल तथा दूसरा, किसान क्रेडिट कार्डों में फर्जीवाड़ा।
क्यों नहीं किया गया आडिट, इस पर टीम हुई अलर्ट
दो साल पहले भी सीबीआई की टीमों ने अमरोहा तथा मुरादाबाद में बैंक शाखाओं में छापे मारे थे। उस समय सामने आया था कि बिना हैसियत वाले लोगों को लोन दे दिए गए थे। सवाल यह था कि क्षेत्रीय मुख्य कार्यालय ने ऐसे ऋणों पर ऑडिट आपत्तियां क्याें नहीं लगाई तभी से शक शुरू हुआ और टीम जांच पर लग गई। एक के बाद एक तार जुड़ते चले गए ।
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घर से बैंक पहुंची टीम, यहां पिज्जा मंगाया
घर से जीएम को लेकर एक टीम यहां बैंक के क्षेत्रीय मुख्य कार्यालय में भी पहुंच गई। यहां पूछताछ कर रही टीम ने खाने के लिए बाहर से चार पिज़्ज़ा और तीन गार्लिक ब्रेड भी आर्डर किए। अलावा चाय भी मंगाई गई है। माना जा रहा है कि टीम देर तक यहां काम करेगी।
पूर्व महाप्रबंधक के यहां भी लग चुका है छापा
रविकांत से पूर्व इसी पद पर नियुक्त रहे महाप्रबंधक शैलेश रंजन के घर गत वर्ष जुलाई माह में सीबीआई का छापा डाला था। शैलेश रंजन जब कोलकाता के पंजाब नेशनल बैंक में थे। यह कार्रवाई कोलकाता में हुए एक लोन की वजह से हुई थी। इस ऋण का एनपीए हो चुका था।
दबाव बनाया तो खेला केबिन
जब टीम जीएम को मुख्य कार्यालय लेकर पहुंची तो वहां उन्होंने अपना केबिन खोलने से मना कर दिया। इसके बाद टीम को चेयरमैन से रविकांत की शिकायत करनी पड़ी। चेयरमैन के हस्तक्षेप के बाद बैंक के गार्ड द्वारा रविकांत का केबिन खोला गया। जहां पर टीम अभी सभी कागजी कार्रवाई कर रही है और पूरी जांच में लगी हुई है। इसी तरह जब टीम जीएम के आवास पर पहुंची थी तो वहां गार्ड ने गेट नहीं खोला था। टीम ने धमकाया तो गार्ड ने गेट खोला।
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