प्रथमा बैंक के क्षेत्रीय मुख्य कार्यालय रामगंगा विहार और बैंक के महाप्रबंधक के आवास पर रविवार को सीबीआई की एंटी करप्शन टीम ने छापा मारा। बताया जा रहा है कि टीम ने महाप्रबंधक को पांच लाख रुपये की रिश्वत और एक एलईडी टीवी के साथ पकड़ा है। रात तक दोनों स्थानों पर सर्च जारी थी। इस जांच से किसान क्रेडिट कार्डों में बड़ी हेराफेरी सामने आने के आसार हैं।
बताया जा रहा है कि एक निजी रिकवरी एजेंसी के हेड द्वारा सीबीआई को पहले से ही रिश्वत मांगने की शिकायत की जा रही थी। इसी के तहत रविवार को सीबीआई की लगभग 25 सदस्यीय टीम दोपहर करीब ढाई बजे मुरादाबाद पहुंची और रामगंगा विहार स्थित यूपी प्रथमा ग्रामीण बैंक के महाप्रबंधक रविकांत के यहां छापा मारा।
सात आठ लोगों के आने की सूचना, टीम ने बिछाया जाल
टीम को सूचना मिली है कि रविकांत के घर शनिवार को भी सात आठ व्यक्ति आए थे। वह 2 बोरों में कुछ लेकर आए थे। इनमें क्या था इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं है। टीम इन्हीं की तलाश में जुटी है। उधर जानकारी यह है कि रिकवरी एजेंसी की शिकायत के बाद टीम संबंधित व्यक्ति को लेकर मुरादाबाद दोपहर दो बजे पहुंची थी। टीम के करीब आठ सदस्य गली में घूमने लगे। इसी दौरान शिकायतकर्ता ने जीएम रविकांत को पांच लाख रुपए और एलईडी दी और बाहर आ गया। गेट तक रविकांत उसे छोड़ने आए तभी टीम एक्शन में आ गई।
घर से बैंक पहुंची टीम, यहां पिज्जा मंगाया
घर से जीएम को लेकर एक टीम यहां बैंक के क्षेत्रीय मुख्य कार्यालय में भी पहुंच गई। यहां पूछताछ कर रही टीम ने खाने के लिए बाहर से चार पिज्जा और तीन गार्लिक ब्रेड ऑर्डर किए। इसके अलावा चाय भी मंगाई गई है। खानपान के इस ऑर्डर से टीम के देर तक यहां सक्रिय रहने की संभावना मानी जा रही है।
पूर्व महाप्रबंधक के यहां भी पड़ चुका है छापा
रविकांत से पूर्व इसी पद पर नियुक्त रहे महाप्रबंधक शैलेश रंजन के घर गत वर्ष जुलाई माह में सीबीआई का छापा डाला था। शैलेश रंजन जब कोलकाता के पंजाब नेशनल बैंक में थे। यह कार्रवाई कोलकाता के एक लोन की वजह से हुई थी। इस ऋण का एनपीए हो चुका था।
केसीसी में खेल, 70 करोड़ के फर्जीवाड़ा की आशंका
सीबीआई की टीम को यहां बड़ा फर्जीवाड़ा किए जाने की आशंका है। इसी के चलते टीम ने मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिए हैं। मोबाइल की सर्विलांस द्वारा जांच की जा रही है। दो मुख्य बिंदु सामने आ रहे हैं। एक तो मनचाही शाखा में बतौर मैनेजर नियुक्त कराने में खेल तथा दूसरा, किसान क्रेडिट कार्डों में फर्जीवाड़े का मामला सामने आ सकता है।
दबाव बनाया तो खोला केबिन
जब टीम जीएम को मुख्य कार्यालय लेकर पहुंची तो वहां उन्होंने अपना केबिन खोलने से मना कर दिया। इसके बाद टीम को बैंक चेयरमैन से रविकांत की शिकायत करनी पड़ी। चेयरमैन के हस्तक्षेप के बाद बैंक के गार्ड द्वारा रविकांत का केबिन खोला गया। जहां पर टीम रात तक जांच और कागजी कार्रवाई में जुटी थी।