मुरादाबाद। दिल्ली रोड स्थित आरआर अस्पताल के संचालक डॉ. राकेश खरे और उनकी डॉक्टर पत्नी के खिलाफ नर्स को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। मझोला थाने की पुलिस ने नर्स की मां की तहरीर पर यह कार्रवाई की है।
बदायूं जनपद के बिसौली थाना क्षेत्र के परसिया गांव निवासी गंगादेई ने केस दर्ज कराया है। जिसमें बताया कि उसकी 22 वर्षीय बेटी शोभा अहसान पैरामेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेज से जेएनएम का कोर्स कर रही थी। वह मझोला क्षेत्र में गांगन तिराहे के पास राजकुमार शर्मा के मकान में किराये पर रह रही थी और आरआर अस्पताल में नर्स का कार्य करती थी।
गंगादेई ने आरोप लगाया है कि आरआर अस्पताल के संचालक डॉ. राकेश खरे और उनकी पत्नी मेरी बेटी को परेशान कर रहे थे। जिससे तंग आकर बेटी ने 25 अगस्त 2024 को कमरे में फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली है। बेटी की मौत की सूचना पर वह मुरादाबाद पहुंचीं और उन्होंने डॉक्टर से शव ले जाने के लिए एंबुलेंस मांगी तो उन्हें एंबुलेंस भी नहीं दी गई थी। जिस कमरे में शोभा रहती थी। उसी कमरे में अपेक्षा भी रहती थी।
अपेक्षा भी अस्पताल में नर्स का काम करती है, लेकिन उसने भी कुछ जानकारी नहीं दी। सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर ने बताया कि तहरीर के आधार डॉ. राकेश खरे और उनकी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डाॅक्टर ने उकसाने के आरोपों को बताया गलत
शोभा हमारे अस्पताल में आईसीयू ड्यूटी में तैनात थीं। गंभीर रोगियों की जिम्मेदारी होने के बावजूद वह ड्यूटी के समय मोबाइल चलाने में व्यस्त रहती थी। इसी बात को लेकर उसे टोका था। इस संबंध में शोभा का माफीनामा भी हमारे पास सुरक्षित रखा है। आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप गलत है।