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तीन दिन बाद दर्ज हुआ चिटफंड कंपनी के चेयरमैन समेत सात के खिलाफ केस

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मुरादाबाद। पांच हजार लोगों के पचास करोड़ लेकर भागी चिटफंड कंपनी के मामले में तीन दिन से जांच के नाम पर थाने से टरकाए जा रहे लोगों ने गुरुवार दोपहर को एसएसपी कार्यालय पहुंच फिर से हंगामा किया। इसके बाद सिविल लाइंस थाने की पुलिस जागी और उसने कंपनी के चेयरमैन और डायरेक्टर समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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सिविल लाइंस थानाक्षेत्र की आशियाना कालोनी के निवासियों व बिजनौर अमरोहा समेत अन्य शहरों और गांवों के लोगों ने सोमवार दोपहर को चिटफंड कंपनी के चेयरमैन के आवास के बाहर हंगामा किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि आरोपी अजय यादव ने पत्नी गीता व बेटे अभिषेक यादव समेत अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर जनहित म्यूचुअल बेनिफिट निधि लिमिटेड, जनहित प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड और जनहित निधि लिमिटेड के नाम से चिटफंड कंपनी खोली थीं। आरोपियों ने आश्वासन दिया था कि कंपनी एफडी और आरडी करती है। कंपनी से पॉलिसी कराने पर पांच साल बाद रकम दोगुनी मिलेगी। इसके बाद एजेंटों ने अपने और अपने परिचितों, रिश्तेदारों और करीबियों की रकम कंपनी में जमा करवा दी थी। पांच साल बाद जब निवेशकों को उनकी रकम वापस नहीं मिली तो उन्होंने दबाव बनाना शुरू कर दिया था। इसी बीच आरोपी कंपनी बंद कर फरार हो गए। पुलिस कर्मियों ने हंगामा कर रहे लोगों को समझाकर शांत करा दिया था। कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें लौटा दिया गया था। तीन दिन बाद भी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं हुआ तो गुरुवार दोपहर लोग एसएसपी कार्यालय के बाहर जुट गए और उन्होंने प्रदर्शन किया। इसकी सूचना मिलने पर सिविल लाइंस थाना प्रभारी फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को थाने ले गए। इसे बाद पुलिस ने छजलैट थानाक्षेत्र के फरीदपुर भेंडी गांव निवासी राजेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने कंपनी चेयरमैन समेत सात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। केस दर्ज होने के बाद लोग अपने घर लौट गए।
इनके खिलाफ दर्ज किया गया केस
मुरादाबाद। सिविल लाइंस थाने में कंपनी के मालिक व चेयरमैन अजय कुमार यादव, डायरेक्टर सरिता केसरवानी, जितेंद्र कुमार, रवीश कुमार, नवनीत कुमार, गजेंद्र सिंह और आरोपी चेयरमैन अजय यादव के भाई के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सहायक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में अन्य तहरीर आएंगी तो उन्हें भी केस में शामिल कर लिया जाएगा।
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जांच के बाद दर्ज किया गया है केस: एसएसपी
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि सोमवार को ही पीड़ित लोगों की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसमें उन्होंने चिट फंड कंपनी के चेयरमैन और डायेक्टर समेत अन्य पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। मैंने पूरे प्रकरण की जांच कराई है। एएसपी की ओर से गुरुवार को जांच रिपोर्ट सौंपी गई थी। रिपोर्ट में लोगों के साथ धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है। इसके बाद ही आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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