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UP: संभल जामा मस्जिद के इमाम और भाई के खिलाफ केस, सरकारी जमीन पर मकान-मस्जिद करवा दी थी तैयार, चल रही जांच

Sat, 30 May 2026 08:40 PM IST
Vimal Sharma संवाद न्यूज एजेंसी

सार

संभल कोतवाली में जामा मस्जिद के शाही इमाम आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई के खिलाफ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। लेखपाल की तहरीर के अनुसार ग्राम समाज की आरक्षित भूमि पर कब्जा किया गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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संभल जामा मस्जिद - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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संभल कोतवाली क्षेत्र के गांव सैफखां सराय में स्थित मजार, मस्जिद और शाही इमाम के मकान मामले में लेखपाल ने सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप में संभल की जामा मस्जिद के शाही इमाम आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई मेहताब हुसैन पर केस दर्ज कराया है।

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यह कार्रवाई संभल कोतवाली में की गई है। सुल्तानपुर बुजुर्ग के हल्का लेखपाल मुकेश कुमार यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि गाटा संख्या 452 की जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित है। इस जमीन को चकबंदी प्रक्रिया के तहत पेड़ लगाने के लिए सुरक्षित किया गया था।

सार्वजनिक जमीन पर कब्जा करना अवैधानिक है।लेकिन आफताब हुसैन और मेहताब हुसैन ने इस जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। उनका नाम 1410-1415 फसली वर्ष में खतौनी में श्रेणी चार के रूप में दर्ज हुआ था।

तहसीलदार संभल ने 27 जनवरी 2003 को उनके नाम खारिज कर दिए थे। भूमि को पुनः ग्राम समाज में दर्ज कर दिया गया था। इसके बावजूद, भू-माफिया प्रवृत्ति के इन व्यक्तियों ने बेशकीमती गाटे पर कब्जा बनाए रखा। यह गाटा संभल-चन्दौसी मुख्यमार्ग से जुड़ा है।

वक्फ बोर्ड में गलत पंजीकरण
लेखपाल का कहना है कि कब्जाधारकों ने अपना कब्जा बनाए रखने के लिए गलत तथ्य प्रस्तुत किए। उन्होंने वक्फ बोर्ड के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया। इसमें यह नहीं बताया गया कि यह सार्वजनिक संपत्ति है। उन्होंने केवल गाटे की चौहद्दी लिखकर वक्फ में पंजीकरण करा लिया। इसके चलते यह वक्फ संपत्ति में जमीन दर्ज हो गई और इस पर वर्षों तक कब्जा बनाए रखा है।
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तहसीलदार कोर्ट ने लगाया था सात करोड़ का जुर्माना 
तहसीलदार कोर्ट से मस्जिद, मजार और मकान सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बनाने के मामले में शाही इमाम और उनके भाई पर सात करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है। हालांकि शाही इमाम इस मामले में डीएम कोर्ट में अपील कर चुके हैं। इस अपील पर लगातार सुनवाई हो चुकी है और अब फैसला सुरक्षित कर दिया है। किसी भी दिन निर्णय लिया जा सकता है।
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