मुरादाबाद। निर्यातकों की आईजीएसटी रिफंड की गड़बड़ियां उजागर होने लगी हैं। डायरेक्टर जनरल ऑफ एनालेटिक एंड रिस्क मैनेजमेंट की ओर से जारी की गई रिस्की निर्यातकों की सूची पर कस्टम अधिकारियों ने काम शुरू कर दिया है। कस्टम की टीमों ने निर्यात फैक्ट्रियों पर जाकर छानबीन की है, जिसमें कई खामियां उजागर हो रही हैं। सूत्रों का कहना है कि निर्यातकों ने कार की खरीद और फैक्ट्री या घर में हुए निर्माण तक पर आईजीएसटी रिफंड ले लिया है।
निर्यातकों को उसी सामान की खरीद पर जीएसटी रिफंड का प्रावधान है जिसका इस्तेमाल निर्यात किए गए प्रयोग को बनाने में किया गया हो। लेकिन कुछ निर्यातकों ने अपनी महंगी कारों पर चुकाया जीएसटी भी क्लेम करके रिफंड ले लिया। इसी तरह फैक्ट्रियों में हुए निर्माण कार्य पर भी जीएसटी रिफंड लिए गए हैं। इसके अलावा दूसरे भी कई तरीके जांच में उजागर हुए हैं जिनके जरिए निर्यातकाें ने सरकार की आंखों में धूल झोंककर जीएसटी रिफंड हासिल कर लिया है। अधिक रिफंड हासिल करने के लिए निर्यात किए गए उत्पाद की धातु दस्तावेजों में बदलने से लेकर दूसरे फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने के मामले भी पकड़े जा रहे हैं। आईजीएसटी के अधिकारियों ने सूची में शामिल एक - एक निर्यात फर्म की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को भी अधिकारियों ने कई फैक्ट्रियों पर छानबीन की। कस्टम की इस कार्रवाई से सूची में शामिल निर्यातकों में खलबली मची है।