रेलवे स्टेशन की स्वच्छता सर्वे के लिए गठित टीम के सदस्य सोमवार को मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के अधिकारियों से रैंकिंग अच्छी करने के नाम पर खुले आम 20 हजार रुपये की घुस मांगते पकड़े गए। सीएमआई ने इसकी जानकारी उच्च अफसरों को देकर आरोपियों के खिलाफ जीआरपी थाने में भ्रष्टाचार अधिनियम में केस दर्ज कराया, जिसके बाद सोमवार रात जीआरपी ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
रेलवे ने स्टेशनों की स्वच्छता सर्वे के लिए क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया कंपनी को नामित किया है। रविवार को इस कंपनी से जुड़े दो सदस्य रोहित पवार और विनय तेम्बरे मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे। दोनों ने यहां रेल अफसरों से संपर्क किया और रेलवे स्टेशन पर स्वच्छता सर्वे शुरू कर दिया।
टीम के सदस्यों ने यात्रियों से फीडबैक लिया। प्लेटफार्म समेत परिसर की साफ-सफाई पर ही लोगों से सवाल पूछे। यात्रियों से मिलने वाले जवाब के आधार पर ही रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाना था।
सीएमआई जितेंद्र कुमार का आरोप है कि क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया के सदस्य मुरादाबाद रेलवे स्टेशन का स्वच्छता सर्वे करने आए थे। टीम के सदस्यों ने उनसे कहा कि वह रेलवे स्टेशन की रैंकिंग अच्छी बना देंगे। इसके लिए उन्हें दस-दस हजार रुपये दिए जाएं।
जितेंद्र ने इसकी जानकारी अपने अफसरों को दी। जीआरपी थाने के एसएसआई विजय कुमार शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।