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Moradabad News: कांठ-छजलैट में तेंदुए पकड़ने के लिए चार स्थानों पर लगे हैं पिंजरे

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कांठ। तहसील क्षेत्र के गांवों में लगातार दिखाई दे रहे तेंदुओं को लेकर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। वन विभाग ने तेंदुओं को पकड़ने के लिए गांव दयानाथपुर, अहमदपुर निंगू नंगला, कासमपुर और रम्पुरा में पिंजरे लगाए हैं।
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बता दें कि कांठ क्षेत्र के गांव चांदखेड़ी, सादकपुर खिचड़ी, रामसराय, पाइंदापुर, फजलाबाद, मल्लीवाला, मिश्रीपुर, बेगमपुर, मुख्त्यारपुर नवादा, रसूलपुर गुर्जर, अहमदपुर निंगू नंगला, कासमपुर, गढ़ी, सलेमपुर, गोपालपुर, बहादरपुर खद्दर, दरियापुर, राजीपुर खद्दर, खलीलपुर कद्दीम, कोकरपुर, दयानाथपुर, चंगेरी, महदूद कलमी, हसनगढ़ी, शाहूपुर, देहरी जुम्मन, महमूदपुर भगवानदास, सिरसा ठाट, खतापुर, कुरी रवाना, रम्पुरा, छजलैट, खूंटखेड़ा आदि गांवों के आसपास तेंदुए दिखाई दे चुके हैं।
अब तक कांठ और छजलैट क्षेत्रों से कई तेंदुए पकड़े भी जा चुके हैं। तीन दिन पहले भी कांठ के गांव रामसराय में लगे पिंजरे में तेंदुए फंस गया था। इसे वन विभाग की टीम अपने साथ मुरादाबाद के डियर पार्क ले गई थी। डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने क्षेत्र के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि कहीं तेंदुआ या कोई भी वन्य जीव दिखाई दे तो इसकी सूचना उन्हें इस नंबर 9759730666 पर दें।
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अभी डियर पार्क में ही है कांठ के रामसराय से पकड़ा तेंदुआ
कांठ। क्षेत्र के गांव रामसराय में 24 अगस्त की सुबह पिंजरे में फंसा तेंदुआ अभी मुरादाबाद के डियर पार्क में ही मौजूद है। उसे कहां छोड़ा जाएगा, इस पर वन विभाग अभी विचार कर रहा है। वन विभाग के डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि रामसराय से पकड़ा गया तेंदुआ नर है और उसका आयु करीब आठ साल है। फिलहाल उसे मुरादाबाद के डियर पार्क में सुरक्षित रखा गया है। संवाद



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तेंदुए के प्रति क्षेत्र के लोगों को जागरूक करने के लिए गांवों में मुनादी के साथ ही धार्मिक स्थलों से एनाउंसमेंट भी कराए जा रहे हैं। कई जगह पिंजरे लगे हुए हैं। नए पिंजरों के लिए भी योजना बनाई जा रही है। क्षेत्रीय लेखपालों सहित राजस्व टीमों को भी लोगों को जागरूक करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। किसानों से अपील है कि वह खेतों में काम करने के लिए अकेले न जाएं, लाठी-डंडे लेकर समूह के रूप में खेतों में काम करें और आपस में बातचीत करते रहें। महिलाओं और बच्चों को खेतों-जंगलों में ले जाने से परहेज रखें।- स्निग्धा चतुर्वेदी एसडीएम, कांठ
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