रामपुर रेल हादसे के चार दिन बाद भी सीएजी कमेटी की जांच शुरू नहीं हो सकी है। सोमवार को जीएम नार्दर्न रेलवे ने हादसे की जांच के लिए चार सदस्यीय सीएजी कमेटी गठित की है। लेकिन अभी तक जांच करने नहीं आई। जबकि दस दिन जांच रिपोर्ट देनी है।
हादसे के दिन रामपुर पहुंचे जीएम नार्दर्न रेलवे आरके कुलश्रेष्ठ ने घटना की जांच सीएजी (सीनियर एडमिनिस्ट्रेशन ग्रेड) कमेटी कराने की घोषणा की थी। दो दिन बाद सोमवार को जीएम नार्दर्न रेलवे ने एडीआरएम सहित चार अफसरों को कमेटी गठित की।
कमेटी में हेडक्वार्टर के चीफ ट्रैक इंजीनियर, चीफ रोलिंग स्टाक इंजीनियर कोचिंग, डिप्टी चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर (आरपीएफ) और एडीआरएम मुरादाबाद को शामिल किया गया। लेकिन सीएजी की जांच अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। न कमेटी सदस्य और नहीं अध्यक्ष। जबकि दस दिन में जांच पूरी करने की बात कही गई थी।
रेल फ्रैक्चर का ब्योरा जुटाएगी जीआरपी, रेलवे से मांगा रिकार्ड
रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों पर लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराने के बाद जांच में जुटी जीआरपी की नजर पुराने रेल फ्रैक्चर पर है। जीआरपी पिछले छह महीने में रेल मंडल में हुए रेल फ्रैक्चर का ब्योरा जुटाएगी। साथ ही रेलवे से सुरक्षा और संरक्षा संबंधित रिकार्ड मांगा है। ब्योरा जुटाने के बाद जीआरपी आगे की कार्रवाई करेगी।
रेल मंडल में आए दिन पटरी चटकने का मामला सामने आ रहा है। कई बार ट्रेनों के गुजरने के बाद रेल फ्रैक्चर पकड़ आता है। रामपुर रेल हादसे के बाद जीआरपी ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया है। जीआरपी रेल फ्रैक्चर का ब्योरा जुटा रही है। जीआरपी थानावार छह महीने के भीतर हुए रेल फ्रैक्चर डाटा कलेक्ट कर रही है।
इसके बाद जीआरपी रेलवे से रेल फ्रैक्चर के बाद हुई कार्रवाई का ब्योरा मांगेगी। इसके अलावा जीआरपी ने रेलवे से संरक्षा संबंधित रिकार्ड मांगा है। इसमें पीडब्लयूवाई का रजिस्टर, पटरियों के मरम्मत की कार्रवाई सहित अन्य रिकार्ड मांगे गए हैं। जीआरपी इंस्पेक्टर अयूब हसन ने बताया कि रेल फ्रैक्चर का ब्योरा जुटाया जा रहा है। साथ ही रेलवे से सेफ्टी से जुड़े रिकार्ड मांगे गए हैं।