मुरादाबाद। सपा सांसद डा. एसटी हसन ने नागरिक संशोधन कानून को मुसलिम विरोधी ठहराते उसके ड्राफ्ट की प्रति जलाई। डा. हसन ने कहा कि एनआरसी में मुसलिमों का उत्पीड़न बढ़ेगा। मुसलिम समाज सभी धर्मों को साथ लेकर कानून का पुरजोर विरोध करेगा और पंजीकरण नहीं कराएगा।
पत्रकारों से अपने कार्यालय में बातचीत में सांसद ने कहा कि कानून के मंदिर से 70 साल में पहली बार असंविधानिक काम हुआ है। संविधान की धज्जियां उड़ाकर काला कानून बनाया गया है। एनआरसी में पंजीकरण करना अनिवार्य होगा। जो मुसलिम 1970 से पहले के निवासी होने का सबूत नहीं दे पाएंगे उनको नागरिकता नहीं मिलेगी। ऐसे लोग शरणार्थी होंगे या घुसपैठिये कहलाएंगे। सांसद ने कहा कि काला कानून सिर्फ मुसलमानों को घुसपैठिया साबित करेगा। बाकी सबको नागरिकता देगा।
सांसद ने सवाल उठाया कि जो मुसलमान घुसपैठिये बना दिए जाएंगे कहां जाएंगे। पाकिस्तान या बांग्लादेश भेजे जाएंगे या फिर समुंदर में धकेले जाएंगे। इसके बाद क्या होगा अंदाजा लगाया जा सकता है। चिंता जताई कि इससे देश कश्मीर से कन्याकुमारी तक जल उठेगा। उन्होंने कहा कि हम अपना जमूरी हक लेकर रहेंगे। सभी धर्मों को साथ लेकर कानून का विरोध करेंगे पंजीकरण नहीं कराएंगे। सांसद डा. एसटी हसन ने भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि संविधान कभी धार्मिक एवं सांप्रदायिक लाइन पर नहीं था। लेकिन अब देश को धर्म, संप्रदाय और परंपरा के नाम पर बांटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा को मुसलमानों के सिवाय सब कुछ मंजूर है। इस दौरान शहर इमाम सैयद मासूम अली आजाद, मौलाना असद रशीदी, पॉल सारस्वत के अलावा हिंदू और सिख समुदाय के धर्मगुरु शामिल रहे।
एलआईयू सक्रिय, पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट
मुरादाबाद। एनआरसी के विरोध में उत्तरप्रदेश में धरना एवं प्रदर्शन के आयोजन पर रोक लगा दी है। सांसद डा. एसटी हसन के आह्वान पर 20 दिसंबर को विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित था। शासन के निर्देश पर डा. हसन ने विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया। उन्होंने मंगलवार को धर्म गुरुओं की बैठक बुलाकर कानून का विरोध किया। इसको लेकर एलआईयू और मुगलपुरा थाना पुलिस अलर्ट रही। सांसद के आवास एवं कार्यालय के आसपास एलआईयू की निगरानी रही। सांसद ने जामिया और अलीगढ़ मुसलिम विवि की घटनाओं की निंदा की और कहा कि बेकसूर विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज किया गया है। विद्यार्थियों के साथ पूरा देश खड़ा है।