मुरादाबाद। शहर के चर्चित सीए श्वेताभ तिवारी हत्याकांड में मंगलवार को वकीलों की हड़ताल के कारण सुनवाई टल गई। अब इस मामले में 10 नवंबर को सुनवाई होगी। इस मामले में पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक समेत चार आरोपी जेल में बंद हैं।
सिविल लाइंस के साईं गार्डन कॉलोनी निवासी सीए श्वेताभ तिवारी की 15 फरवरी 2023 की रात करीब नौ बजे मझोला क्षेत्र में दिल्ली रोड स्थित उनके दफ्तर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने 31 मार्च को पाकबड़ा के गिंदौड़ा निवासी केशव सरन शर्मा और कोतवाली क्षेत्र के रेती स्ट्रीट मोहल्ला निवासी विकास शर्मा को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि दोनों ने पूछताछ बताया कि श्वेताभ तिवारी की प्रॉपर्टी पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक कब्जा करना चाहता था। श्वेताभ तिवारी को रास्ते से हटाने के लिए दस लाख रुपये की सुपारी ललित कौशिक ने दी थी।
दीन दयाल नगर निवासी ललित कौशिक को भट्ठा मजदूर के अपहरण और भोजपुर के हिमायूंपुर निवासी खुशवंत सिंह उर्फ भीम चौधरी को कुशांक गुप्ता हत्याकांड में पुलिस पहले ही उसे जेल भेज चुकी थी। इस हत्याकांड में ललित कौशिक, विकास शर्मा, केशव शरण शर्मा और भीम उर्फ खुशवंत सिंह शामिल थे। सीए श्वेताभ तिवारी हत्याकांड की सुनवाई जनपद न्यायाधीश डॉ. अजय कुमार की अदालत में चल रही है। मंगलवार को इस मामले में सुनवाई होनी थी।
जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को वकीलों की हड़ताल के कारण मुकदमे में सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने अब इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 10 नवंबर तारीख तय की है।