मुरादाबाद। शहर की प्रमुख सड़कों में से एक कांठ रोड पर स्थित ब्रांडेड कंपनियों के शोरूम, माॅल और होटल व रेस्टोरेंट संचालकों की दिवाली फीकी है। जर्जर सड़क पर उड़ते धूल के गुबार के कारण दुकानों और शोरूम पर ग्राहक नहीं आ रहे हैं। इसके कारण व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। पिछले छह माह से कांठ रोड के व्यापारियों के साथ ही आसपास की काॅलोनियों के लोग परेशान हैं। शिकायतों के बावजूद अभी तक किला से विवेकानंद अस्पताल तक की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है।
सीवर लाइन डालने के लिए जल निगम ने कांठ रोड की खोदाई की थी। उसके बाद दो पुलिया के निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग ने महीनों तक आधी सड़क को बंद रखा। पुलिया के निर्माण के बाद लोक निर्माण विभाग ने मोटी गिट्टी डालकर सड़क को बेरतरीब कर दिया। महीनों से कांठ रोड की हालत जर्जर है। सड़क पर उड़ती धूल के कारण राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
रामगंगा विहार निवासी विकास भवन के एक कर्मचारी ने बताया कि कार्यालय जाते समय कपड़े धूल के कारण गंदे हो जाते हैं। दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क पर चलना दूभर हो गया है। जर्जर सड़क के कारण अब तक कई हादसे भी हो चुके हैं।
कांठ रोड पर देश की कई ब्रांडेड कंपनियों के ज्वेलरी, जूते, मोबाइल, कपड़े, इलेक्ट्राॅनिक्स आइटम के शोरूम के साथ-साथ कई होटल, रेस्टोरेंट व कोचिंग सेंटर भी हैं। दुकानदारों का कहना है कि पहले जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर हरथला बाजार को क्षतिग्रस्त कर छोड़ दिया। काफी विरोध प्रदर्शन के बाद लोक निर्माण विभाग ने सौ मीटर सड़क बनाई, लेकिन बरसात के कारण सड़क टिक नहीं सकी। धूल के गुबार के कारण ग्राहक दुकानों पर नहीं आ रहे हैं।
बरसात बीती, नहीं खत्म हुई परेशानी
महीनों से खराब पड़ी कांठ रोड पर बरसात के दिनों में सड़क पर पानी भरने से लोगों को काफी परेशानी हुई। सड़कों पर गड्ढों के कारण कई हादसे हुए, जिसमें लोग घायल हुए। लोगों ने अधिकारियों से शिकायत की तो गड्ढों में मिट्टी भर दी गई और कहा गया कि बरसात के बाद सड़क दुरुस्त करा दी जाएगी। बरसात बीतने के बाद अब सड़क पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं। अब तक सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। सड़क पर वाहन चालक हिचकोले खाते हुए गुजर रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में ही सीएम योगी ने सड़कों को 15 दिन में गड्ढा मुक्त करने का आदेश दिया था, वह भी बेअसर साबित हुआ।
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लोगों और व्यापारियों ने बयां किया दर्द
कांठ पर लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। दूसरी तरफ सड़क क्षतिग्रस्त है। इस रोड पर धूल के कारण मुंह ढककर चलना पड़ता है। सरकारी सिस्टम की सुस्ती की वजह से यह परेशानी बढ़ी है। - विघ्नेश कुमार गुप्ता, रिटायर्ड वित्त एवं लेखाधिकारी, रामगंगा विहार
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छह माह से लोग जर्जर सड़क और धूल के गुबार से परेशान हैं। दुकान के सामान को ढककर रखना पड़ता है। उड़ती धूल के कारण ग्राहक दुकान पर नहीं आते हैं। इससे काफी नुकसान हो रहा है। - अनुज वार्ष्णेय, दुकानदार
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लंबे समय से कांठ रोड खराब है। धूल और गुबार के कारण दुकानदारों के साथ राहगीरों को भी परेशानी होती है। जर्जर सड़क ने अब तक कारोबार को काफी प्रभावित किया है। - केतन यादव, दुकानदार
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कांठ रोड के लिए 32 करोड़ मंजूर
कांठ रोड के लिए महाराणा प्रताप चौक से छजलैट तक 22.5 किमी सड़क निर्माण के लिए शासन ने 32.25 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। सड़क निर्माण के लिए टेंडर भी हो चुका है। इसके अलावा 13 किलोमीटर शेष रोड के लिए भी वित्तीय मंजूरी मिल चुकी है। लोक निर्माण विभाग ने महाराणा प्रताप चौक से पीएसी तक सड़क बनाकर छोड़ दी।
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कांठ रोड के निर्माण का कार्य चल रहा है। जल्द ही शहर के अंदर पूरी सड़क बन जाएगी। लोगों की समस्या का जल्द ही समाधान हो जाएगा। - अनुज सिंह, डीएम