जौहर यूनिवर्सिटी के पास बने बिजलीघर का रास्ता बाहर से होगा। इसको लेकर बिजली विभाग ने दीवार को तोड़ दिया। हालांकि, यह दीवार बिजली विभाग की ही है, लेकिन इसका निर्माण यूनिवर्सिटी की ओर से किया गया था, जिससे इसका रास्ता यूनिवर्सिटी के अंदर से ही था। इसे अब बंद किया जाएगा।
समाजवादी सरकार में लालपुर बिजलीघर को मंजूरी मिली थी। पांच एमवीए के इस बिजलीघर के निर्माण के लिए जमीन भी जौहर यूनिवर्सिटी के पास ही मिली, इसके बाद वर्ष 2015 में इसका निर्माण हुआ। उस वक्त यूनिवर्सिटी के बराबर से ही एक सड़क मंजूर हुई, जो बिजलीघर तक जाती थी लेकिन, सुरक्षा के मद्देनजर यूनिवर्सिटी की ओर से बिजलीघर के बाहर का रास्ता बंद कर दिया गया।
दीवार बनाकर यूनिवर्सिटी के भीतर से ही दूसरा रास्ता दे दिया गया, जिस पर यूनिवर्सिटी का स्वामित्व था। ऐसे में बिजली विभाग ने यूनिवर्सिटी का मार्ग बाहर से ही बनाने का आग्रह किया। इसके लिए विभागीय स्तर पर विश्वविद्यालय को तीन बार नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन इसके बाद भी अंदर से बंद कर बाहर का रास्ता नहीं दिया गया।
इसके बाद जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह के संज्ञान में यह मामला आया तो बुधवार को उर्दू गेट ध्वस्त होने के बाद बिजली विभाग के अफसरों ने भी अपने बिजलीघर का रास्ता बनाने का काम शुरू कर दिया। इसके लिए एक जेसीबी से दीवार से बंद बिजलीघर के रास्ते को खोला गया। इसके लिए दीवार तोड़ दी गई।
यह दीवार भले ही बिजलीघर के स्वामित्व की थी, लेकिन इसका निर्माण जौहर विश्वविद्यालय की ओर से किया गया था। इसी रास्ते को आगे जाकर गेस्ट हाउस से मिलाया जाएगा। वहीं, खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी के नेता भी मौके पर पहुंच गए, जहां नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अजहर खां समेत समाजवादी पार्टी के कई नेताओं ने आपत्ति जताई, लेकिन फोर्स के सामने उनकी एक न चली। इस दौरान भारी तादाद में पुलिस फोर्स मौजूद रही।
रामपुर अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल विजयपाल सिंह ने कहा कि लालपुर बिजलीघर पर एक फीडर जौहर विश्वविद्यालय के नाम भी बनाया गया है, लेकिन यहां से कोई कनेक्शन नहीं है। बावजूद, इसके बिजलीघर से आपूर्ति हुई और करीब डेढ़ साल तक बिजली का उपभोग किया गया। इस मामले की जांच चल रही है। हमें और हमारे कर्मचारियों के लिए यूनिवर्सिटी के भीतर से रास्ता दिया गया था। बाहर का रास्ता दीवार बनाकर बंद कर दिया था, जिसे कब्जामुक्त कर दिया गया है।
जौहर यूनिवर्सिटी सीईओ अब्दुल्ला आजम ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी की दीवार नहीं तोड़ी गई है। बिजलीघर और गेस्ट हाउस सरकारी है, वहां जो मर्जी करें। हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है।