बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का गठन 14 अप्रैल 1984 में हुआ था। उसके बाद मुरादाबाद में बसपा ने लोकसभा में अपना पहला उम्मीदवार वर्ष 1989 में उतारा। तब बसपा प्रत्याशी को यहां 3.8 फीसदी मत मिला था। लेकिन दो साल बाद वर्ष 1991 हुए लोकसभा चुनाव में बसपा इसे सहेज नहीं सकी और उसे मात्र 0.1 फीसदी वोट पर संतोष करना पड़ा। लेकिन 1996 के चुनाव में बसपा ने तेजी के साथ ग्रोथ किया। उस चुनाव में उसे 17.04 फीसदी मत प्राप्त हुए। इसके बाद अगले तीन चुनाव में बसपा के वोट बैंक में खासा इजाफा हुआ। जिसके चलते वर्ष 1998 में पार्टी प्रत्याशी को 18.4 फीसदी, 1999 में 19.01 फीसदी, वर्ष 2004 में 23 फीसदी मत प्राप्त किया। मुरादाबाद लोकसभा चुनाव में बसपा को अब तक यह सबसे अधिक मत प्राप्त हुआ था। लेकिन इसके बाद बसपा को का वोट बैंक फिर खिसकने लगा। वर्ष 2009 में बसपा को 19.4 फीसदी, 2014 में 14.03 फीसदी मत प्राप्त हुए थे। वर्ष 2019 में बसपा व सपा गठबंधन में यह सीट सपा के खाते में चले जाने से बसपा का प्रत्याशी मैदान में नहीं रहा। इसके बाद वर्ष 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में बसपा ने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा। लेकिन इस बार बसपा प्रत्याशी को सिर्फ 7.19 फीसदी मत ही मिल सके। इस तरह पिछले 10 साल में बसपा का वोट बैंक खिसक कर लगभग आधा रह गया। वहीं पिछले अगर दो दशक की बात करें तो बसपा का वोट बैंक करीब 5.81 फीसदी कम हो गया है।