मुरादाबाद। एक पूर्व सैनिक के जेल में रहने के दौरान उसके सगे भाई ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर भारतीय स्टेट बैंक से 17.95 लाख रुपये निकाल लिए। कोर्ट के आदेश पर मझोला पुलिस ने आरोपी भाई, अज्ञात बैंक अधिकारियों और पूर्व सैनिक कल्याण निगम के अधिकारियों खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
बुद्धि बिहार निवासी राकेश बाबू गुप्ता ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। उन्होंने बताया कि वह भारतीय सेना से एक अक्टूबर 1999 को सेवानिवृत्त हुए थे। सितंबर 2001 में पत्नी की हत्या के मामले में उन पर प्राथमिकी दर्ज हुआ और नवंबर 2005 में उन्हें दोषी ठहराया गया। हाईकोर्ट ने छह मार्च 2020 को उन्हें दोष मुक्त कर दिया, जिसके बाद वे 15 साल जेल में बिताकर घर लौटे। पेंशन की जांच के लिए केजीके स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा जाने पर उन्हें पता चला कि उनके खाते से 17.95 लाख रुपये निकाले जा चुके हैं। आरोप है कि उनके भाई राजेश बाबू गुप्ता ने मोबाइल नंबर लिंक कराकर फर्जी तरीके से चेकबुक, पासबुक और एटीएम जारी कराए।
आरोपः फर्जीवाड़े से नौकरी भी पा ली
इस धोखाधड़ी में बैंक अधिकारियों और पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड बरेली के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत का भी आरोप है। राकेश बाबू गुप्ता ने आरोप लगाया कि उनके भाई राजेश गुप्ता ने अधिकारियों से मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम से पूर्व सैनिक कोटे के तहत टीजी-2 एसएसओ के पद पर नौकरी भी प्राप्त कर ली। साथ ही, उनके नाम पर फर्जी तरीके से वेतन भी प्राप्त करता रहा। उन्होंने एसएसपी और डीआईजी सहित अन्य अधिकारियों को प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पांच नवंबर 2025 को भाई ने उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए मकान, पेंशन और वेतन की धनराशि न देने की बात कही थी।