मुरादाबाद। लाइनपार रामतलैया एवं चाऊ की बस्ती की गलियों की नालियां टूट गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गंदगी की वजह से क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है लेकिन नगर निगम की तरफ से नियमित फागिंग नहीं हो रही है।
रामतलैया से चाऊ की बस्ती जाने वाली गलियों की ईंटे टूट गई हैं। मलबे के चलते नालियां चोक होने से गंदगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोग गंदगी के कारण परेशान है। इस मामले में शिकायत के बावजूद गलियों की नालियां साफ नहीं की गई। बताया जा रहा है गलियों की ईंटे दस साल पहले बिछाई गई थी।
मच्छरों का है प्रकोप
व्यवसायी आशुतोष जैन ने आरोप लगाया कि चाऊ की बस्ती से लेकर रामतलैया तक गलियों में मलबा मौजूद है। सफाई नहीं हो रही है। इसी कारण मच्छर बढ़ रहे हैं। भाजपा को लोग वोट देते हैं लेकिन काम कुछ नहीं हो रहा है।
सफाई के लिए पैसा मांगते हैं कर्मचारी
चाऊ की बस्ती निवासी दिलीप कुमार ने बताया कि सफाई करने के लिए सौ सौ रुपये प्राइवेट संस्था से जुड़े लोग मांगते हैं। पैसा नहीं देने पर सफाई नहीं की जाती है। गलियों की नालियों की तरफ कोई ध्यान नहीं देता है।
गलियों का निर्माण होना जरूरी
बुजुर्ग महिला कैला का कहना है कि गलियां जमाने की बनी हैं। ईटें टूटकर बिखर चुकी हैं। कोई नेता गलियों के निर्माण के लिए आगे नहीं आता है। मोहल्ले के लोगों को काफी परेशानी होती है।
नगर निगम फागिंग नहीं करा रहा
मोहल्ले के रहने वाले प्रदीप शर्मा का कहना है कि नगर निगम मच्छरों से बचाव के लिए फागिंग नहीं करा रहा है। गंदगी बढ़ती जा रही है। नगर निगम के कर्मचारी सिर्फ हाउस टैक्स वाटर टैक्स के लिए परेशान करते हैं। उनको आम जनता को सुविधा भी देना चाहिए।
नगर निगम कोई व्यवस्था दुरुस्त नहीं कर रहा
रामतलैया के रहने वाले विकास का आरोप है कि नगर निगम कोई व्यवस्था दुरुस्त नहीं करता है। हाउस टैक्स लेता है तो सफाई और फागिंग की व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए। गलियों में खड़ंजा लगाना चाहिए। सभी गलियो में पुरानी ईंटे काफी कुछ कह रही हैं।
नालियां कूड़े से भर गईं
चाऊ की बस्ती निवासी विकास का कहना है कि नालियां कूड़े से भर गई हैं। गलियों की मरम्मत कराने के बाद सफाई व्यवस्था दुरुस्त करना होगा। यहां कोई विरोध में आवाज नहीं उठाता है। इसी कारण व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती है।
दस साल में एक भी गली ठीक नहीं हुई
संजीव कुमार का कहना था कि दस साल में एक भी गली को सुंदर नहीं बनाया गया है। यहां बस्ती में चार गलियां मौजूद हैं। किसी में नया खड़ंजा या रोड नहीं बनाया गया है। गलियों से बाइक निकालना अब मुश्किल हो गया है। पहले बाइक आराम से पास हो जाती थी।