मझोला थानाक्षेत्र में आयोजित एक विवाह समारोह में जयमाला के बाद दुल्हन ने दूल्हे को सांवला बताते हुए फेरे लेने से इंकार कर दिया। वर पक्ष पर गलत जानकारियां देने का भी आरोप लगाया गया। हालांकि शादी में विवाद की शुरुआत युवती को फेरों से पहले चढ़ावे में दिए जाने वाले सामान को लेकर हुई थी। दोनों ही पक्षों द्वारा पुलिस से शिकायत नहीं की गई है।
अमरोहा जिले में रहने वाले एक युवक की शादी डेढ़ माह पहले मझोला थानाक्षेत्र की रहने वाली युवती से तय हुई थी। युवक और युवती अलग अलग बिरादरी के हैं। युवती ने स्नातक तक पढ़ाई की है जबकि उसके मुकाबले युवक कम पढ़ा लिखा है।
रविवार को अमरोहा से बारात युवती के घर पहुंची। आयोजन एक विवाह मंडप में था। बरातियों द्वारा दावत खाने के बाद वर- वधू ने एक दूसरे को जयमाला पहना दी। शादी समारोह में आए ज्यादातर लोग खाना-पीना खाकर अपने घर चले गए।
इसके बाद फेरों के लिए वर पक्ष की ओर से लाए गए जेवर, कपडे़ सहित अन्य सामान युवती पक्ष को दिया गया। जिसे देखने के बाद युवती पक्ष ने ऐतराज जताया कि शादी में दिया जाने वाला सामान वर पक्ष ने तैयार नहीं करवाया है बल्कि ज्यादातर सामान वही है जो युवती पक्ष ने सगाई आदि में दिया था। इसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया।
उधर दुल्हन ने अचानक कह दिया कि दूल्हा सांवला है और कम पढ़ा लिखा भी। उसे यह मंजूर नहीं। कहते हुए दुल्हन बिना फेरे लिए ही विवाह मंडप से अपने घर चली गई। वर पक्ष ने इस परिवार को मनाने की खूब कोशिश की। सुबह तक दूल्हा और उसके पक्ष के लोग मशक्कत करते रहे पर बात नहीं बनी। युवक को बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा।
बोला दुल्हन का भाई...
हमने दूसरी बिरादरी के युवक से बहन की शादी तय की थी लेकिन शादी के कार्यक्रम के बीच कई बातें ऐसी थी, जो हमको पसंद नहीं आईं। इसमें युवक का सांवला होना भी शामिल है। इस वजह से शादी बीच में ही रुकवा दी गई। बारात बिना दुल्हन ही लौटा दी गई। हालांकि अभी भी दोनों पक्षों के बीच समझौते को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं, मुमकिन है कि समझौता हो जाए।