गर्मी की छुट्टियों में रोडवेज बस के जरिये उत्तराखंड में घूमने की योजना बना रहे ललोगों के लिए अच्छी खबर है। यूपी की रोडवेज बसों को उत्तराखंड में प्रवेश देने पर मंथन चल रहा है। परिवहन निगम से उत्तराखंड के जनपदों में जाने वाली बसों का ब्योरा मांगा गया है।
सब कुछ ठीक रहा तो इसी सप्ताह उत्तराखंड की सीमाएं यूपी की रोडवेज बसों के लिए खोली जा सकती हैं। अभी तक यूपी की रोडवेज बसें केवल उत्तराखंड की सीमा तक ही जा रही हैं।
दरअसल प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू के समाप्त होने के बाद लोगों ने उत्तराखंड की ओर रुख किया है। गर्मियों के दिनों में लोग हरिद्वार, देहरादून, ऋषिकेश, रामनगर आदि स्थानों पर घूमने जा रहे हैं। ऐसे में रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या भी बढ़ी है।
फिलहाल परेशानी यह है कि निगम की बसें केवल यूपी-उत्तराखंड की सीमा तक ही जा रही हैं। इससे यात्रियों को आगे के सफर के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे यात्रियों की न केवल जेब पर बोझ पड़ रहा है, बल्कि ये असुरक्षित भी है। लेकिन रोडवेज बसों की आवाजाही शुरू होने पर यह समस्या खत्म हो जाएगी।
रोजाना सफर करते हैं 40 हजार यात्री
मुरादाबाद में परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक अतुल जैन ने बताया कि परिक्षेत्र से उत्तराखंड के पांच जनपदों, हरिद्वार, देहरादून, पौढ़ी गढ़वाल, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर के लिए कुल 165 बसें चलती हैं। रोजाना इन बसों में लगभग 40 हजार यात्री सफर करते हैं। इससे
निगम को तकरीबन 17 लाख रुपये की आय होती है।
उन्होंने बताया कि निगम की सभी 650 बसों में फिलहाल 90 हजार यात्री सफर कर रहे हैं जोकि औसत से 30 हजार कम हैं। कोरोना कर्फ्यू खत्म होने के बाद यात्रियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। सभी एसी बसों का संचालन भी शुरू कर दिया गया है।