मुरादाबाद। मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के सामने बाला जी गेट हाउस में छह साल पहले हुए पारुल हत्याकांड में शनिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पांच अनिल कुमार की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने मुलजिम प्रेमी मो. हयात उर्फ विशाल को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि गेट हाउस के मालिक विक्रम मल्होत्रा और मैनेजर राज कुमार व कर्मचारी अमित वर्मा को गेस्ट हाउस से सड़क पर लाश फेंकने का दोषी मानते हुए पांच-पांच साल की सजा और दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल गुप्ता ने बताया कि 30 जुलाई 2013 को पारुल निवासी गजरौला जनपद को उसका प्रेमी मो. हयात उर्फ विशाल निवासी बाबूगढ़ जनपद हापुड़ अपने साथ लेकर रेलवे स्टेशन के सामने बाली जी गेस्ट हाउस में आकर ठहरा था। यहां पारुल की हत्या करने के बाद मो. हयात उर्फ विशाल फरार हो गया था। अगले दिन सुबह गेस्ट हाउस के कमरा नंबर तीन में कर्मचारियों ने युवती की लाश पड़ी देखी थी। गेस्ट हाउस के मालिक विक्रम मल्होत्रा, मैनेजर राज कुमार निवासी सरकड़ा खास थाना मूंढापांडे और कर्मचारी अमित वर्मा निवासी पीतल बस्ती थाना कटघर ने लाश गेस्ट हाउस से निकाल कर सड़क पर फेंक दी थी। युवती के पति योगेश, ससुर कांति प्रसाद और मां यशोदा ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की पहचान की थी। ससुर क्रांति प्रसाद की तहरीर पर केस दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद चार्जशीट अदालत में पेश की थी। इस केस की सुनवाई एडीजे पांच अनिल कुमार की अदालत में चली। जिसमें सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल गुप्ता ने पक्ष रखा और मुलजिमों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम मो. हयात उर्फ विशाल को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद और पंद्रह हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि गेस्ट हाउस के मालिक विक्रम मल्होत्रा, मैनेजर राज कुमार और कर्मचारी अमित वर्मा को गेस्ट हाउस से लाश निकालकर सड़क पर फेंकने का दोषी ठहराते हुए पांच पांच साल की सजा और दस दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर चार- चार माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।