अमरोहा के गजरौला में मोबाइल फोन पर बात करते-करते अचानक राजमिस्त्री ने छत के पास से होकर गुजर रही हाईटेंशन लाइन छू ली। नंगे पांव होने की वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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जानकारी होने पर वहां भीड़ एकत्र हो गई। युवकों ने जीवन की आस में उसके मृत शरीर की काफी देर तक मालिश भी की और घंटों गोबर में दबाए रखा लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। वहीं, घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
मंगलवार की अपराह्न लगभग दो बजे यह हादसा थाना क्षेत्र में नगर की सीमा से सटे गांव अहरौला तेजवन में हुआ। यहां रहने वाला राजमिस्त्री सतवीर सिंह (49) पुत्र रामकिशन मोबाइल फोन पर बात करते-करते छत पर जा पहुंचा।
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छत के पास से होकर गुजर रही 11 हजार वोल्ट की लाइन गुज। बताते हैं कि फोन पर मशगूल सतवीर ने धोखे से 11 हजार वोल्ट की लाइन छू ली। नंगे पांव होने की वजह से उसे करंट का तेज झटका लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सतवीर को आनन-फानन में गांव में ही एक अपंजीकृत चिकित्सक के पास ले जाया गया।
उसने सतवीर को मृत घोषित कर दिया। घर लाकर उसके शरीर पर तेल की मालिश भी की और कई घंटे गोबर में दबाकर भी रखा। वहीं, गांव के लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।
इनका कहना था कि गांव में कई घरों के ऊपर और पास से 11 हजार वोल्ट की लाइन गुजर रही है। बारिश होते ही घरों में करंट दौड़ जाता है। पूर्व में भी कई हादसे हो चुके हैं। राजमिस्त्री का काम करने वाले सतवीर सिंह की पत्नी मुकेश देवी की मौत भी तीन-चार वर्ष पूर्व हो चुकी है।
सतवीर की दो बेटियों की शादी हो चुकी है और तीन अभी अविवाहित हैं। इनमें सबसे छोटा विशाल कक्षा 11वीं का छात्र है। प्रदर्शन करने वालों में गजेंद्र सिंह, मनोज सिंह, शिवम, गंगासरन, शिवराम, राजकुमार, प्रताप, चंद्रपाल, महेंद्र, नरेश, फूल सिंह, सतपाल, सतपाल, सोमपाल आदि रहे।
लापरवाही बनी सतवीर की मौत का सबब
राजमिस्त्री का काम करने वाले सतवीर सिंह की मौत के लिए उसकी लापरवाही भी सामने आ रही है। परिजनों एवं ग्रामीणों के मुताबिक सतवीर लापरवाही में ही फोन पर बात करते-करते नंगे पांव छत पर चला गया और धोखे से 11 हजार वोल्ट की लाइन छू ली। हालांकि उस पर प्लास्टिक का पाइप डला हुआ है लेकिन दबाव पड़ने से ही उसे करंट ने चपेट में ले लिया। सतवीर के एक हाथ का पंजा भी झुलसा हुआ था। वहीं हादसे के वक्त वह नंगे पांव भी था।
घरों के ऊपर से गुजर रही उच्च शक्ति की लाइनों के कारण अक्सर इस तरह के हादसे होते रहते हैं। इसी गांव में कुछ माह पूर्व रिश्तेदारी में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र की मौत हो चुकी है। इस संबंध में जानकारी करने पर एक्सईएन हरीश कुमार ने बताया कि विभाग की मंशा किसी को नुकसान पहुंचाने की नहीं है। लाइनें तो कई दशकों से खिंची हुई हैं। काफी बाद में लोगों ने उनके नीचे अथवा साइड में मकान आदि बना लिए। इसकी जांच भी कराई जा सकती है। इसमें विभाग का कोई दोष नहीं है। कई बार नोटिस भी दिए जाते हैं।