घनी आबादी में चल रहे आतिशबाजी फैक्ट्री में मंगलवार सुबह धमाका हो गया। इससे उस कमरे की एक दीवार उड़ गई जिसमें आतिशबाजी तैयार की जा रही थी। इसके बाद लगी आग में डेढ़ वर्षीय बच्ची समेत आठ लोग बुरी तरह झुलस गए। पहले इन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया जहां इनकी गंभीर हालत को देखते हुए टीएमयू मेडिकल कालेज मुरादाबाद रेफर कर दिया गया जहां इलाज के दौरान मासूम समेत चार लोगों की मौत हो गई।
हादसे की जानकारी पर डीआईजी, डीएम, एसपी, एएसपी, एसडीएम मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी की। घनी आबादी के बीच पटाखों का कारखाना चलने पर डीआईजी ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। फिलहाल, फैक्ट्री स्वामी मुनव्वर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अमरोहा के दानिशमंदान मोहल्ला निवासी मुनव्वर हसन ने बाईपास पर धर्मकांटे के पास घनी आबादी में आतिशबाजी की फैक्ट्री लगा रखी थी।
इसी मोहल्ले की फातिमा पत्नी लियाकत, चांदनी उर्फ चंदो पत्नी सिकंदर, इकरा पुत्री जमील, मुन्नी पुत्री तजामुल(ताजुद्दीन), कमर जहां पुत्री ताजुद्दीन, निशा पुत्री जुल्फिार, मूक बधिर मुमताज काम करतीं थीं। सुबह दस बजे सभी काम कर रहे थे। चांदनी उर्फ चंदो अपनी डेढ़ वर्षीय बालिका सुहाना को भी साथ लेकर आई थी। फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। पास में ही बारूद रखा था, जब तक लोग समझते तेज धमाके से एक तरफ की दीवार ढह गई। इसका मलबा दूर तक दूसरों के घरों में जा गिरा।
मकान की खिड़कियां और दरवाजे भी फट गए और पड़ोस के घरों की दीवारें भी चटक गईं। जोरदार धमाके से बदहवास लोग घरों से निकलकर बाहर की ओर भागे। इधर, विकराल आग से मजदूरों में हाहाकार मच गया। झुलसे लोग तड़प रहे थे। यहां से डाक्टरों ने उन्हें मुरादाबाद रेफर कर दिया। मुरादाबाद के टीएमयू में इलाज के दौरान मासूम समेत चार लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में फातिमा (40) पत्नी लियाकत, इकरा (20) पुत्री जमील, सुहाना (डेढ़ वर्ष) पुत्री सिकंदर, चांदनी उर्फ चंदो पत्नी सिकंदर शामिल हैं। सिकंदर ने बताया कि, उसकी पत्नी पांच माह की गर्भवती थी।