भाकियू (चढ़ूनी) के कार्यकर्ता प्रदेश प्रभारी सूबे सिंह डागर के नेतृत्व में बुधवार की दोपहर कलक्ट्रेट पर पहुंचे। उस समय डीएम एक बैठक में मौजूद थे। भाकियू के कार्यकर्ताओं ने डीएम से मिलने के लिए प्रदर्शन के बाद धरना देना शुरू कर दिया। इस बीच यूनियन के लोगों को सिटी मजिस्ट्रेट किंशुक श्रीवास्तव ने समझाने की कोशिश की, लेकिन वे डीएम के अलावा किसी से मिलना नहीं चाह रहे थे। धरने पर बैठने के बाद वे नारे लगा लगाने लगे। यूनियन के लोगों का आरोप था कि स्टे के बावजूद सेंचुरी पेपर मिल प्रबंधन निर्माण कार्य करा रहा है। इस मामले में 60 से अधिक किसानों पर केस दर्ज हो चुके हैं। वे 28 को अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दे रहे थे। दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर कई माह से विवाद चल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शासन एवं जिला प्रशासन एकतरफा कार्रवाई कर रहा है। बैठक के बाद यूनियन के लोग डीएम मानवेंद्र सिंह से मिले। डीएम ने पूरी बात सुनने के बाद बताया कि मतगणना के बाद दोनों पक्षों की बातें सुनी जाएगी। इस बीच कोई निर्माण कार्य पेपर मिल प्रबंधन भी नहीं करेगा। इसके बाद भाकियू चढूंगी से जुड़े यूनियन के लोग एसएसपी हेमराज मीणा से मिलने के लिए गए। दोनों अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद यूनियन से जुड़े लोग चले गए। धरना-प्रदर्शन में एनसीआर अध्यक्ष कुलदीप गुड्डू, प्रदेश अध्यक्ष सोनपाल सिंह चौहान, महिला प्रदेश अध्यक्ष आयुषी संधू तेवतिया, युवा प्रदेश अध्यक्ष विकास चौधरी, राजेंद्र चौधरी, शकील अहमद, प्रमोद यादव आदि पदाधिकारी मौजूद थे।