शहर कोतवाली में लोकसभा सांसद और जौहर विवि के चांसलर मोहम्मद आजम खां और तत्कालीन नगर पालिका ईओ समेत चार लोगों के खिलाफ शत्रु संपत्ति के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि तत्कालीन ईओ ने आजम खां और जौहर विवि ट्रस्ट को लाभ पहुंचाने के लिए कागजों में हेराफेरी कर गलत नोटिस जारी किया गया।
नायब तहसीलदार ने कोतवाली में दी तहरीर में में कहा है कि सींगनखेड़ा स्थित शत्रु संपत्ति को गलत तरीके से वक्फ अंकित कराकर नगर पालिका परिषद के तत्कालीन ईओ के हस्ताक्षर से मसूद खां वक्फ मुतवल्ली इमामुद्दीन कुरैशी को उक्त संपत्ति पर कब्जे जमाए होने का नोटिस जारी किया गया। जिस पर मसूद खां द्वारा रिट दाखिल की गई और नोटिस को चुनौती देकर उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त किया गया।
जबकि नगर पालिका परिषद को उक्त नोटिस जारी करने का कोई अधिकार नहीं था क्योंकि प्रश्नगत संपत्ति न तो नगर पालिका की संपत्ति थी और न ही नगर पालिका अवस्थित थी। जिससे प्रतीत होता है कि अप्रत्यक्ष रूप से जौहर विवि/जौहर ट्रस्ट को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एक सुनियोजित षडयंत्र के तहत नगर पालिका परिषद द्वारा नोटिस जारी किया गया ताकि उक्त नोटिस को आधार बनाकर हाईकोर्ट से स्टे आर्डर प्राप्त किया जा सके।
तहरीर में कहा गया है कि पहले उक्त भूमि को शत्रु संपत्ति के रूप में लीज पर लेने की कार्रवाई कराई गई और जब जिलाधिकारी ने की आख्या पर तत्कालीन लीज निरस्त कर दी गई तो मसूद खां और तत्कालीन ईओ द्वारा सुनियोजित तरीके सो अप्रत्यक्ष रूप से ट्रस्ट/विवि के सहयोगी है कि सहायता से हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर स्टे आर्डर प्राप्त कर लिया और प्रश्नगत भूमि अपने कब्जे में कर ली।
मामले में इसके बाद एसडीएम सदर की ओर से नोटिस भी जारी किया। इसके बाद 9 सदस्यीय कमेटी ने जांच की। इसके साथ ही जांच में नगर पालिका के प्रेषण पंजिका में नोटिस संबंधी अनियमितता पाई गई हैं। जिसमें सप्ष्ट हुआ है कि प्रश्नगत नोटिस फर्जी रूप से तैयार कर मसूद खां मुतवल्ली वक्फ ईमामुद्दीन एवं जौहर विवि/जौहर ट्रस्ट को लाभ पहुंचखने के उद्देश्य से उनके मध्य दूरभिसंधि का परिणाम है।
जिस कारण वर्तमान में भी उक्त सरकारी संपत्ति पर जौहर विवि/जौहर ट्रस्ट का कब्जा है।
जिससे स्पष्ट है कि तत्कालीन ईओ नगर पालिका सैयद मोहम्मद तारिक और मसूद खां मुतवल्ली वक्फ इमामुद्दीन ने तत्कालीन रजिस्ट्रार जौहर विवि एवं चांसलर मो. अली जौहर विवि मोहम्मद आजम खां से हमसाज होकर उन्हें लाभ पहुंचाने की नीयत से सरकारी कागजों में हेराफेरी कर नोटिस प्राप्त की गई।
जिस पर तत्कालीन ईओ नगर पालिका सैयद मोहम्मद तारिक, मसूद खां, रजिस्ट्रार मो. अली जौटर विवि और विवि के चांसलर मोहम्मद आजम खां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाए। तहरीर के आधार पर आजम खां समेत चारों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 447, 467,468 और 471 के तहत कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है।