खुद को बैंक अफसर बताकर लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले बीजेपी नेता को पुलिस ने मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ पाकबड़ा थाने में केस दर्ज था। वह दो साल से वह फरार चल रहा था।
मंगलवार दोपहर पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। मझोला थानाक्षेत्र के बुद्घि विहार निवासी संतोष शर्मा ने लाइन पार शक्ति नगर निवासी शैलेंद्र कौशिक के खिलाफ दो साल पहले पाकबड़ा थाने में धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कराया था।
शैलेंद्र कौशिक ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए संतोष शर्मा को झांसा दिया था कि वह उनका लोन करा देगा। शैलेंद्र कौशिक ने संतोष शर्मा के जमीन व अन्य कागजात ले लिए थे। इसके बाद आरोपी ने इन कागजात से पाकबड़ा की पीएनबी से लोन ले लिया था।
जबकि संतोष से कह दिया था कि उनकी फाइल निरस्त हो गई है। लेकिन कुछ समय बाद जब संतोष शर्मा के पास बैंक से रकम रिकवरी वारंट पहुंचा तो ठगी की जानकारी हुई। उन्होंने पाकबड़ा थाने में केस दर्ज करा दिया था। लेकिन आरोपी कोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले आया था।
पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट भी कोर्ट में दाखिल कर दी है। इसके बाद आरोपी शैलेंद्र बीजेपी में शामिल हो गया था। उसे लाइन पार मंडल का कोषाध्यक्ष बना दिया गया था। अब उसके खिलाफ कोर्ट से वारंट जारी हो गया था। मझोला पुलिस ने मंगलवार को उसे उसके घर दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है। बीजेपी लाइन पार मंडल अध्यक्ष केपी सिंह ने बताया कि शैलेंद्र कौशिक के पास कोई पद नहीं था। वह कुछ समय पहले दिल्ली में बैंक में लगने की बात कहकर चला गया था। इसके बाद दूसरे को लाइन पार मंडल अध्यक्ष बना दिया था।