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जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदारी को लेकर भाजपा जिला संगठन की फजीहत, फिर से बनानी पड़ी सूची

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मुरादाबाद। पंचायत चुनाव में बढ़ चढ़कर दावेदारी करने का ढिंढोरा पीटने वाले भाजपा जिला संगठन को चुनाव के पहले पायदान पर ही मुंह की खानी पड़ी है। नामों की सूची फाइनल करने का समय आया तो जिला संगठन की हाईकमान के सामने उस समय फजीहत हो गई, जब पूरी सूची में पूर्व सांसद की पत्नी को छोड़कर किसी महिला जिला पंचायत सदस्य दावेदार का नाम हीं नहीं मिला। वार्ड संख्या एक से पूर्व सांसद सर्वेश कुमार सिंह की पत्नी का नाम गया था, लेकिन हाईकमान के निर्णय के बाद उन्हें मैंदान से बाहर कर दिया गया। नतीजतन प्रदेश संगठन ने जिले से भेजी गई पुरानी सूची लौटा दी है और नए सिरे से आवेदन भेजने को कहा, जिस पर जिला संगठन को फिर से सूची बनानी पड़ गई।
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याद रहे कि जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में भाजपा जिला संगठन को जिला पंचायत सदस्य पद के लिए जिताऊ महिला प्रत्याशियों के नाम भेजने थे, लेकिन सूची में महिला प्रत्याशियों में सिर्फ पूर्व सांसद सर्वेश कुमार सिंह की पत्नी साधना सिंह का ही नाम भेजा गया। जिला संगठन यह मानकर चल रहा था कि साधना सिंह ही जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदार होंगी, लेकिन भाजपा हाईकमान का निर्णय आ गया कि मौजूदा सांसद और विधायक के करीबी रिश्तेदार को टिकट नहीं दिया जाएगा। इस निर्णय के आते ही साधना चुनाव मैदान से बाहर हो गईं। प्रदेश संगठन ने जिले 39 सीटों की सूची जांची तो साधना सिंह के अलावा किसी भी महिला प्रत्याशी का नाम ही नहीं था। प्रदेश संगठन के सामने यह समस्या आई कि यदि सूची घोषित कर दी गई तो उनके पास जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए दावेदार ही न होगा। प्रदेश संगठन ने इसे जिला संगठन और पंचायत चुनाव संयोजक की अदूरदर्शिता मानते हुए सूची लौटा दी। साथ ही कहा है कि इसे लौटती डाक से पैनल फाइनल करते हुए नए सिरे से आवेदन भेजें। कुल मिलाकर कल 13 अप्रैल से नामांकन होने हैं और अभी तक भाजपा अपने प्रत्याशियों की सूची ही नहीं तैयार कर पाई है।
प्रदेश अध्यक्ष से लेकर सीएम तक की परिक्रमा पूर्व सांसद के काम न आई
पूर्व सांसद सर्वेश कुमार सिंह और उनके बेटे बढ़ापुर (बिजनौर) से विधायक सुशांत सिंह जब मुख्यमंत्री श्रम विवाह के विवाह समारोह में आए तो सर्किट हाउस में करीब बीस मिनट तक मुलाकात की थी। पत्नी को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी दिलाने के लिए उन्होंने अभी हाल ही में रामपुर में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से मिलने गए थे, लेकिन यह सब भी उनके काम नहीं आया। बताते हैं कि प्रदेश अध्यक्ष ने ही उनसे दो टूक कह दिया था कि पार्टी किसी कार्यकर्ता को ही टिकट देगी। पार्टी के लिए कार्यकर्ता ही सर्वोपरि हैं। तभी पूर्व सांसद निराश होकर लौट आए थे।
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पार्टी का फैसला मान्य, इसलिए पत्नी को नहीं लड़वाएंगे चुनाव: पूर्व सांसद
पूर्व सांसद सर्वेश कुमार सिंह ने कहा है कि पार्टी का निर्णय मान्य है, इसलिए वह पत्नी को चुनाव नहीं लड़वाएंगे। संगठन जिसे भी प्रत्याशी बनाएगा, वह उसे जितवाने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगे।
एक दो दिन में जारी हो जाएगी प्रत्याशियों की सूची: जिला संयोजक
भाजपा पंचायत चुनाव के जिला संयोजक सुरेश सैनी का कहना है कि प्रदेश संगठन के निर्देशों के अनुसार पैनल भेजे गए हैं। पहले की सूची में पूर्व सांसद की पत्नी साधना सिंह के अलावा भी इस सीट से प्रत्याशियों के नाम भेजे गए थे। हालांकि महिला उम्मीदवार कोई नहीं था। फिलहाल जल्द ही प्रत्याशियों की सूची जारी हो जाएगी।
वार्ड प्रभारियों की सहमति और प्रत्याशियों की जमीनी हकीकत को परखते हुए सूची फाइनल कर प्रदेश संगठन को भेजी गई है। हालांकि अभी तक प्रत्याशियों की सूची फाइनल नहीं हुई है, लेकिन उनकी तैयारी पूरी है। प्रत्याशियों के नाम फाइनल होते ही एक साथ नामांकन कराए जाएंगे। उम्मीद है कि 12 नवंबर को प्रत्याशियों की सूची घोषित हो जाएगी।
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राजपाल सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष-भाजपा
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