मुरादाबाद। भाजपा के जिला और महानगर के दावेदारों की सूची भेजे जाने के 21 दिन बाद भी पदाधिकारियों की घोषणा नहीं होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में पार्टी के कुछ लोगों का कहना था कि वरिष्ठ नेताओं में मतभेद के चलते पदाधिकारियों की घोषणा में देर हो रही है, लेकिन पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष ने इस आरोप से इन्कार किया है।
10 जनवरी तक भाजपा जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के चुनाव के लिए दावेदारों के नाम चुनाव अधिकारी ने प्रदेश मुख्यालय भेज दिए थे। बताया गया कि 15 जनवरी तक जिलाध्यक्ष और महानगर की घोषणा प्रदेश मुख्यालय से कर दी जाएगी। जिले में महानगर अध्यक्ष पद के लिए संजय शर्मा और उनकी टीम में शामिल 11 पदाधिकारियों ने भी आवेदन किया है। इसी प्रकार जिलाध्यक्ष के लिए आकाश पाल सहित एक दर्जन से अधिक लोगों ने नामांकन दाखिल किया है। घोषणा के 21 दिन बाद भी पदाधिकारियों की सूची सार्वजनिक नहीं की गई। इस कारण जिले कार्यकारिणी के अधीन 16 और 10 मंडल अध्यक्षों की कार्यकारिणी का विस्तार लटक गए हैं। मंडल अध्यक्ष कार्यकारिणी गठित करना चाहते हैं, लेकिन जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के हस्ताक्षर के बगैर कमेटी गठित नहीं हो सकती है। ऐसे में मंडल अध्यक्ष कार्यकारिणी विस्तार को लेकर पशोपेश में हैं।
पार्टी के अंदर उठे सवाल
प्रदेश मुख्यालय से पदाधिकारियों की सूची घोषित नहीं होने पर सवाल उठने लगे कि वरिष्ठ पदाधिकारियों की असहमति के चलते चुनाव का काम लटक गया है। इस बारे में भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसौदिया का कहना है कि चुनाव के संबंध में उनकी प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के अन्य पदाधिकारियों से वार्ता हुई है। पार्टी में कोई असहमति नहीं है। चुनाव अधिकारी सूची भेज चुके हैं। पार्टी कभी भी सूची घोषित कर सकती हैं। इसमें उनकी सहमति पार्टी के साथ है।