मुरादाबाद। नीट के दौरान शहर के कुछ केंद्रों पर सर्व डाउन होने के कारण बायोमेट्रिक नहीं चली। इसके कारण छात्रों को हाजिरी लगाने के लिए देर तक इंतजार करना पड़ा। सबसे ज्यादा समस्या एसएस इंटर कॉलेज में रही। अंत तक 50 से ज्यादा अभ्यर्थियों की हाजिरी नहीं लग पाई। इस पर अभिभावकों ने एनटीए की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
एसएस इंटर कॉलेज में शुरुआत से ही बायोमेट्रिक के जरिये उपस्थिति धीमी रही। परीक्षा केंद्र में प्रवेश की टाइमलाइन पूरी होने के बाद तक हाजिरी नहीं लग पाई। इसके बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दे दिया गया और कहा कि परीक्षा के दौरान उपस्थिति लगवा दी जाए, लेकिन बायोमेट्रिक नहीं चली। परीक्षा छूटने के बाद छात्रों को रोका गया और हाजिरी लगवाने का प्रयास किया, लेकिन परिणाम निराशाजनक रहा।
इसके बाद बारिश शुरू हो गई सर्वर पूरी तरह छप हो गया। मुरादाबाद ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. नजमुल हुदा ने बताया कि वह खुद एसएस इंटर कॉलेज के बाहर मौजूद थे। अपने बेटे को परीक्षा दिलाने गए थे। तमाम प्रयासों के बाद भी हाजिरी नहीं लग पाई तो केंद्र व्यवस्थापकों ने अभ्यर्थियों से लिखित अंडरटेकिंग लिया और उन्हें भेज दिया। हाजिरी से छूटे छात्रों को अब अपने भविष्य की चिंता सता रही है। वहीं अभिभावकों ने एनटीए की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उच्च स्तर पर शिकायत करने की बात कही।
21 केंद्रों पर 9908 छात्रों ने दी परीक्षा
शहर में नीट के लिए 21 केंद्र बनाए गए। इन केंद्रों पर 10,165 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 99,08 ने परीक्षा दी। 257 गैरहाजिर रहे। परीक्षा के लिए शहर को सात सेक्टरों में बांटा गया था। सेक्टर मजिस्ट्रेट अपने गश्ती दल के साथ चेकिंग कर करते रहे। प्रशासन को कहीं कोई बड़ी खामी नहीं मिली। शहर में एसएस इंटर कॉलेज, चित्रगुप्त इंटर कॉलेज, जीजी हिंदू इंटर कॉलेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, गोकुलदास कॉलेज, मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज आदि केंद्रों पर अभ्यर्थियों व बाहर अभिभावकों की भीड़ रही। परीक्षा छूटने के बाद सड़कों पर जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, जल्द ही ट्रैफिक पुलिस ने इस स्थिति पर काबू पा लिया।
वर्जन
कहीं-कहीं बायोमेट्रिक न चलने की बात सामने आई थी, लेकिन परीक्षा छूटने तक सभी मौजूद छात्रों की उपस्थिति लगवाई गई। यदि कुछ छात्र हाजिरी से छूटते तो अव्यवस्था जरूर होती, लेकिन ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है।
- ज्योति सिंह, एडीएम सिटी