पेट्रोल से भरी बोतल लेकर ट्रेन में चढ़ा शख्स
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गजरौला-नजीबाबाद पैसेंजर ट्रेन में शुक्रवार को एक युवक पेट्रोल की बोतल लेकर चढ़ गया। दिव्यांग कोच में चढ़े युवक ने हल्दौर स्टेशन पर अन्य यात्रियों को दूसरे कोच में भेजा और खुद को बंद कर लिया। बिजनौर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो कोच में आत्मदाह की धमकी देते हुए जमकर हंगामा किया। इस मामले में जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बिजनौर के पीपलसाना का निवासी भारत भूषण जमीन संबंधी विवाद के कारण परेशान था और कॉलोनाइजर पर आरोप लगा रहा था। हंगामे के दौरान ट्रेन दो घंटे 46 मिनट तक बिजनौर रेलवे स्टेशन पर खड़ी रही। ट्रेन के गार्ड का कहना था कि उसने गल्दौर स्टेशन पर ही कोच में खुद को बंद कर लिया।
दरवाजा खुलवाने की कोशिश की तो नीचे से एक शिकायती पत्र थमा दिया। इसमें लिखा था कि इस डिब्बे से बीस मीटर दूर रहना है, मेरी जमीन मुझे नहीं मिली तो मैं इसी ट्रेन में पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह कर लूंगा, जिसकी जिम्मेदारी राजस्व प्रशासन की होगी।
घबराए गार्ड ने कंट्रोल को सूचना दी, तब ट्रेन बिजनौर स्टेशन पर रुकी। कोच में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की धमकी से मुरादाबाद स्थित मंडल मुख्यालय तक सनसनी फैल गई। अधिकारियों के आदेश पर जीआरपी, आरपीएफ व फायर ब्रिगेड की टीमें दौड़ीं।
बिजनौर स्टेशन पर ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद युवक को कोच से बाहर निकाला गया। प्रशासन ने जमीन संबंधी विवाद का निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। एसडीएम अवनीश कुमार, सीओ सिटी संग्राम सिंह, शहर कोतवाल समेत जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी प्लेटफार्म पर डटे रहे।
बिजनौर लाइन पर रहा अलर्ट, ओएचई में सप्लाई बंद
मामला बढ़ता देख रेल प्रशासन ने बिजनौर लाइन पर अलर्ट जारी कर दिया। ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाली बिजली की लाइन में तुरंत आपूर्ति बंद कराई गई। कोच पर पानी की बौछार कराने का इंतजाम किया गया। पूरी ट्रेन खाली करा ली गई। पुलिसकर्मियों ने बताया कि अगर युवक के हाथ में माचिस होती तो पूरे कोच में पानी की बौछार कर दी जाती, लेकिन लाइटर देख यह तरीका भी धरा रह गया।
इसलिए किया कोच में हंगामा
भारत भूषण की शादी बिजनौर से सटे गांव आदमपुर निवासी तारा सिंह की बेटी से हुई। तारा सिंह का कोई बेटा नहीं था। ऐसे में तारा सिंह की जमीन पर भारतभूषण की पत्नी का हक बनता है। इस जमीन पर कॉलोनाइजरों ने कब्जा कर लिया। जबकि पीड़ित परिवार अपनी जमीन पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाता रहा। चार साल बाद भी जमीन नहीं मिली तो पीड़ित ने आत्मदाह करने के प्रयास का कदम उठाया। हालांकि अब रेल पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, जबकि प्रशासन जमीन प्रकरण में जांच करने का दावा कर रहा है।
पीड़ित का आरोप, रसूखदारों के चंगुल में फंसी है जमीन
रसूखदारों ने बेशकीमती जमीन पर कब्जा बनाए रखा, जबकि पीड़ित परिवार अपनी जमीन पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाता रहा। चार साल बाद भी जमीन नहीं मिली तो पीड़ित ने आत्मदाह करने के प्रयास का कदम उठाया। पीपलसाना गांव के रहने वाले भारत भूषण की शादी बिजनौर से सटे गांव आदमपुर निवासी तारा सिंह की बेटी से हुई। तारा सिंह का कोई बेटा नहीं था। ऐसे में तारा सिंह की जमीन पर भारतभूषण की पत्नी का हक बनता है।
ट्रेन के कोच से उतरने के बाद भारतभूषण ने बताया कि अगर वह ऐसा नहीं करता तो क्या करता। कहा कि उसके ससुर तारा सिंह निवासी आदमपुर की मौत 2020 में हो गई थी। मरने से पहले तारा सिंह ने अपनी चार बीघा जमीन विवेक चौधरी को बेची थी, जिसका काफी हिस्सा मानसरोवर सहकारी आवासीय कॉलोनी में है। अब तारा सिंह की इस कॉलोनी में डेढ़ बीघा जमीन बाकी थी, जिस पर भी कॉलोनाइजरों ने कब्जा कर लिया।
घटना से रेलवे ने लिया सबक, छोटे स्टेशनों पर भी होगी यात्रियों की चेकिंग
गजरौला-नजीबाबाद पैसेंजर ट्रेन में हाईवोल्टेज ड्रामे से मंडल मुख्यालय तक सनसनी रही। ट्रेन में शामिल अन्य लोगों व कोच में आग लगने का खतरा रेल अधिकारियों को सताता रहा। इस घटना से सबक लेकर रेलवे ने छोटे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने का प्लान बनाया है।
जल्द ही छोटे स्टेशनों पर यात्रियों के सामान की चेकिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसे लेकर मंडल के अधिकारियों ने मंथन शुरू कर दिया है। शुक्रवार की घटना के बाद प्रश्न उठे कि इस तरह कोई भी संदिग्ध व्यक्ति ट्रेन में पेट्रोल या अन्य विस्फोटक पदार्थ लेकर चढ़ जाएगा। इससे यात्रियों की जान-माल को खतरा हो सकता है। पैसेंजर ट्रेनें छोटी दूरी के लिए चलती हैं, इसलिए इनमें जीआरपी स्कॉर्ट की तैनाती का नियम भी नहीं है।
ऐसे में रेलवे खुद ही अपने स्टाफ के जरिये चेकिंग कराएगा। ट्रेन रवाना होने से एक घंटा पहले तक किसी को टिकट नहीं दिया जाएगा। सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि हर 10 मिनट में मंडल मुख्यालय से घटना का अपडेट लिया गया। कंट्रोल मैसेज के बाद फौरन फायर ब्रिगेड, जीआरपी, आरपीएफ व रेलवे की टीम मौके पर भेज दी गई थी। गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। भविष्य में कोई व्यक्ति ऐसी घटना न कर पाए, इसके लिए इंतजाम किए जा रहे हैं।
ढाई घंटे की मशक्कत के बाद स्थानीय प्रशासन व रेल कर्मियों ने मिलकर यात्री को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेलवे एक्ट के तहत उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एक यात्री के कारण अन्य लोगों को जान-माल की हानि हो सकती थी। बिजनौर जीआरपी कानूनी कार्रवाई कर रही है। - आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम