जिले में तेजी से बढ़े क्राइम ग्राफ को कंट्रोल करने में नाकाम पुलिस अधिकारियों ने फर्जी खुलासों के साथ चुनौतीपूर्ण घटनाओं की फाइल बंद करना शुरू कर दी है। ताकि कम से कम कागजों में क्राइम वर्क आउट का आंकड़ा दुरुस्त रहे। शायद रिकार्ड को दुरुस्त रखने की कवायद ही है कि पुलिस ने दो सनसनीखेज हत्याओं की फाइल फर्जी खुलासों के साथ बंद कर दी है।
दोनों खुलासे कागजों में इतनी खामोशी से किए गए कि किसी को भनक तक नहीं लगी। सिविल लाइन पुलिस ने सितंबर में पुष्पेंद्र हत्याकांड का खुलासा करते वक्त डा. रुद्रप्रकाश शर्मा और भारत सैनी हत्याकांड को उसी गैंग पर खोल दिया जिसने छात्र पुष्पेंद्र की हत्या की थी।
पुलिस रिकार्ड इस बात का खुलासा कर रहा है कि पुलिस ने 28 सितंबर को जब सनसनीखेज पुष्पेंद्र यादव हत्याकांड का खुलासा किया था तो गुपचुप ढंग से उसी गैंग पर डा. आरपी कौशिक और भारत सैनी हत्याकांड का भी खुलासा कर दिया था।
सिविल सर्विसेज की कोचिंग कर रहे गोविंद नगर निवासी छात्र पुष्पेंद्र यादव की हत्या 19 सितंबर को सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कपूर कंपनी पर दिनदहाड़े गोली मारकर कर दी गई थी। 28 सितंबर को पुलिस ने चक्कर की मिलक निवासी कुख्यात शूटर शहजाद और उसके साथियों को गिरफ्तार करके पुष्पेंद्र हत्याकांड का खुलासा किया था।
महिला कल्याण विभाग के दो बाबुओं मुकुट और चुन्नी ने सुपारी देकर पुष्पेंद्र की हत्या कराई थी। मुकुट और चुन्नी को पुष्पेंद्र के पिता ने एफआईआर में नामजद भी किया था। ये खुलासा सटीक था लेकिन सिविल लाइन पुलिस ने इसके साथ ही सिविल लाइन के चर्चित डा. आरपी कौशिक मर्डर केस और मझोला के भारत सैनी मर्डर केस को भी शहजाद गैंग पर गुपचुप खोल डाला।
करीब चार माह पहले चंदौसी के भारत सैनी की ईंट से सिर कुचलकर हत्या करने के बाद हत्यारों ने लाश कुंदनपुर ढक्का में जीजीआईसी के पास फेंक दी थी।