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भाकियू ने नौ घंटे मूंढापांडे और बिलारी टोल फ्री कराए, थानों में धरने पर बैठे कार्यकर्ता

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मुरादाबाद। गाजीपुर बॉर्डर पर भाजपा कार्यकर्ताओं और किसानों के बीच मारपीट के मामले में किसानों पर ही मुकदमा दर्ज होने सेेेे भाकियू भड़क गई। हाईकमान के निर्देश पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जिले के मूंढापांडे और बिलारी टोल पर कब्जा कर वाहनों को नौ घंटे तक टोल फ्री कराया। पाकबड़ा में भाकियू प्रदेश महासचिव किसानों के साथ धरने पर बैठे। हाइकमान के निर्देश के बाद रात 10 बजे किसान टोल और थाने से हटे।
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कृषि कानून के विरोध में भाकियू कार्यकर्ता 35 दिन से मूंढापांडे टोल प्लाजा के निकट टैंट लगाकर धरने पर बैठे हैं। गुरुवार दोपहर जैसे ही धरनारत भाकियू नेताओं के पास हाईकमान का आदेश पहुंचा उन्होंने आसपास के गांवों से किसानों को धरना स्थल पर बुला लिया। दोपहर करीब एक बजे भाकियू महानगर अध्यक्ष रणधीर सिंह, तहसील अध्यक्ष नरेंद्र प्रताप ,ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेश सिंह सहित दर्जनो भाकियू नेता और किसान हाथ में लाठी डंडे लेकर टोल प्लाजा पहुंच गए। उन्होंने टोल वसूली रुकवा दी। सूचना पर मूंढापांडे पुलिस ने पहुंचकर उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद एसडीएम सदर प्रशांत तिवारी, तहसीलदार और काफी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। दोनों अधिकारियों ने भी भाकियू नेताओं को समझाने की कोशिश की लेकिन पदाधिकारियों ने कह दिया कि हाईकमान के निर्देश पर ही जाएंगे। रात 10 बजे पाकबड़ा थाने में धरने परबैठे भाकियू प्रदेश महासचिव डॉ नो सिंह, बिलारी टोल पर धरना दे रहे जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी और मूंढापांडे टोल पर धरनारत महानगर अध्यक्ष रणधीर सिंह ने बताया कि पार्टी हाईकमान के निर्देश पर रात 10 बजे किसान टोल और थानों से हट गए हैं । प्रदेश अध्यक्ष ने फोन पर बताया कि दिल्ली की घटना में किसानों की तरफ से भी एफआईआर दर्ज हो रही है इसलिए ये निर्णय लिया गया है। पदाधिकारियों ने बताया कि कृषि कानून के विरोध में टोल के निकट चल रहा किसानों का अनिशितकालीन धरना जारी रहेगा। इस दौरान भाकियू नेता नरेंद्र प्रताप, नरेश प्रताप, गुड्डू पाशा, अजय कुमार, रिजवान पाशा अहमद जान आदि रहे।
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