कुंदरकी। रात में बिजली कटौती के विरोध में शुक्रवार की शाम सात बजे ग्रामीणों ने भैसोड़ बिजलीघर को घेराव किया। एसएसओ से ग्रामीणों की बहस तक हो गई। जेई से वार्ता हुई तो ग्रामीण शांत होकर अपने घरों को लौट गए। ग्रामीणों का कहना था कि अगर समाधान नहीं हुआ तो, वह विद्युत निगम के उच्च अधिकारियों से मिलकर समस्या को प्रमुखता से उठाएंगे।
भैसोड़ के ग्राम प्रशासक प्रेमपाल सैनी, पूर्व प्रधान राजीव सिंह, राजबहादुर सिंह, राजवीर सिंह, रनवीर सिंह, शिवम सागर, अमित चौधरी, बिश्म्बर सिंह, सुरेश कुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में 132 केवी बिजली और 33 केवी बिजलीघर स्थित हैं। गांव में दो-दो बिजलीघर होने पर भैसोड़ के ग्रामीणों को बिजली के लिए तरसना पड़ रहा है। रात में कई बार कटौती की जा रही है, जबकि यह विद्युत कटौती दिन में भी की जा सकती है। गर्मी से महिलाएं और बच्चे परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि रात में बिजली कटौती से राहत नहीं दिलाई गई तो एसडीओ विद्युत से मिलकर समस्या को उठाएंगे। वहीं अवर अभियंता जयवीर सिंह का कहना है कि रोस्टिंग का आदेश ट्रांसमिशन से आता है। इसका पालन किया जाता है, जबकि रोस्टिंग से हमारे हाथ में नहीं है। यह मामला उच्च अधिकारियों के स्तर का होता है।