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ऑक्सीजन सेचुरेशन 92 से कम वाले मरीज नहीं होंगे होम आइसोलेट

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मुरादाबाद। बिना लक्षणों वाले मरीजों को होम आइसोलेट करने से पहले रैपिड रिस्पांस टीमें उनकी जांच करेंगी। ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल 92 से कम होने पर मरीज होम आइसोलेट नहीं होंगे। होम आइसोलेट मरीजों के आक्सीजन लेवल गिरने की समस्या के बाद आईसीएमआर ने नई गाइड लाइन जारी की है। मुरादाबाद में कई मरीज सांस उखड़ने की परेशानी के बाद अस्पतालों में रेफर किए जा चुके हैं। टीएमयू के कोविड वार्ड की पांचवीं और छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने वाले पॉजिटिव भी अस्पताल में भर्ती होने से पहले होम आइसोलेट रहे थे। सांस की परेशानी और मानसिक तनाव के चलते इनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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सरकार ने होम आइसोलेट मरीजों के लिए मानक निर्धारित किए हैं। मरीजों को अनिवार्य रूप से किट खरीदनी है, ताकि मरीज अपना ख्याल रख सकें। किट में पल्स ऑक्सीमीटर की अनिवार्यता है। लेकिन कई मरीज आक्सीमीटर नहीं खरीद रहे हैं। रैपिड रिस्पांस टीमें भी कागजी औपचारिकता कर होम आइसोलेट की अनुमति दे रही हैं। जिले में गंभीर मरीजों के लिए टीएमयू कोविड एल थ्री बना है। सामान्य मरीजों के लिए रेलवे अस्पताल एल वन और हल्के लक्षणों वाले मरीजों के लिए एमसीएच विंग में एल टू श्रेणी का अस्पताल है। विवेकानंद, कॉसमास और पीटीसी को कोविड केयर सेंटर बनाया गया है।
602 मरीज होम आईसोलेट
जिले में 4573 मरीज स्वस्थ्य हो चुके हैं। इनमें 1500 मरीज होम आइसोलेट रहे हैं। वर्तमान में एक्टिव 1264 मरीजों में सर्वाधिक 602 होम आइसोलेट हैं। मरीज अस्पतालों के बजाए घर पर रहना पसंद कर रहे हैं। लेकिन इसमें उनकी लापरवाही होने से आक्सीजन लेवल गिर रहा है। मुरादाबाद में सांस उखड़ने की शिकायत के बाद कई मरीजों को अस्पतालों में शिफ्ट किया जा चुका है। इनका आक्सीजन लेवल 92 से कम रहा है। आईसीएमआर ने भी होम आइसोलेट मरीजों के लिए गाइड लाइन जारी की हैं। 92 फीसदी से कम आक्सीजन लेवल वाले मरीजों को अस्पताल या कोविड केयर सेंटरों में भर्ती करने के निर्देश दिए हैं। जिले में हर ब्लाक और शहरी क्षेत्र के सात जोन में दो-दो रैपिड रिस्पांस टीमें बनी हैं। टीमें मरीजों को भर्ती करने, होम आइसोलेट की अनुमति देने से लेकर उसके संपर्क में आए लोगों को ट्रेस कर सैंपल कराती हैं। होम आइसोलेट मरीज की जवाबदेही आरआरटी की होगी। टीमें मरीज का परीक्षण करेंगी और गंभीर लक्षण नहीं होने और किट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के बाद ही होम आइसोलेट की अनुमति देंगी।
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- होम आइसोलेट मरीजों के लिए चिकित्सा किट की अनिवार्यता है। उनके आक्सीजन लेवल और किट की उपलब्धता सुनिश्चित कराना आरआरटी की जवाबदेही है। अब 92 से नीचे आक्सीजन लेवल वाले मरीज होम आइसोलेट नहीं किए जाएंगे।
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- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।
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