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पहले रहे मेहरबान, खुद की गर्दन फंसती देख कर गए एडीओ के स्थानांतरण की संस्तुति

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मुरादाबाद। प्रशासकों के कार्यकाल के दौरान कुंदरकी विकास खंड की दो ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च दिखाने वाले एडीओ (पंचायत) द्विजेंद्र सिंह के स्थानांतरण की संस्तुति आखिरकार डीपीआरओ राजेश कुमार जाते-जाते कर गए। खास बात यह है कि विकास के नाम पर खर्च दिखाए गए कई कार्य अमर उजाला की पड़ताल में धरातल पर नहीं मिले थे। डीपीआरओ को खुद के निरीक्षण में भी कमियां मिलीं थीं, लेकिन तब कार्रवाई करने के बजाय मेहरबानी के चलते अधूरे कार्य को पूरा कराने के लिए समय दे दिया था। अब शासन से 25 लाख से अधिक की जांच के आदेश हुए तो डीपीआरओ को भी भविष्य में अपनी गर्दन फंसती दिखाई दी। लिहाजा जाते-जाते आरोपी एडीओ को सफाईकर्मियों से व्यवहार ठीक न होने व भविष्य में इसको लेकर टकराव की आशंका का हवाला देते हए उसके स्थानांतरण की संस्तुति कर गए। यह मामला पूरे विकास भवन में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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प्रशासकों का कार्यकाल 25 दिसंबर 2020 से 24 मई 2021 तक रहा। इस दौरान गांव की सत्ता एडीओ (पंचायत) के हाथों में रहीं। इस अवधि में प्रशासकों (एडीओ) ने विकास के नाम पर पानी की तरह पैसा बहाया। सिर्फ कुंदरकी ब्लाक में ही पौने नौ करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि विकास कार्य पर खर्च दिखाई गई। खास बात यह रही इस विकास खंड की 92 ग्राम पंचायतों में से सिर्फ दो ग्राम पंचायतों सोनकरपुर में 69.85 लाख रुपये और रतनपुर कलां में 48.06 लाख रुपये से विकास कार्य दर्शाया गया। अमर उजाला ने जब इसकी जमीनी हकीकत परखी तो दोनों ग्राम पंचायतों में कई कार्य धरातल पर मिले ही नहीं। खबर प्रकाशित होने पर पंचायतीराज महकमा हरकत में आया। डीपीआरओ ने स्वयं मौके पर पहुंच पड़ताल की तो भी कई कार्य मौके पर नहीं मिले। लेकिन एडीओ पर मेहरबानी के चलते कार्रवाई के बजाय भुगतान निकाले जाने के बाद भी जो कार्य नहीं कराए गए थे उसे पूरा कराने के लिए 15 दिन का समय देकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली थी। इसी दौरान एडीओ कुंदरकी पर पंचायत के सफाईकर्मियों का भी उत्पीड़न करने का आरोप लगा। सफाईकर्मियों ने भी इसकी शिकायत डीपीआरओ से की। लेकिन इसे भी वह काफी दिनों तक ठंडे बस्ते में जांच के नाम पर डाले रहे।
इधर प्रशासकों के कार्यकाल में गड़बड़ी का मामला उजागर होते ही शासन ने भी 25 लाख रुपये से अधिक के प्रशासकों द्वारा कराए गए कार्यों की जांच के आदेश कर दिए। 15 जुलाई को डीपीआरओ राजेश कुमार का भी स्थानांतरण कर दिया गया। डीपीआरओ पर पहले से ही प्रशासकों को बचाने के आरोप लगते रहे हैं। सूत्र बताते हैं भविष्य में इन गड़बड़ियों को लेकर जांच हुई तो तत्कालीन डीपीआरओ राजेश कुमार की भी गर्दन फंस सकती है। लिहाजा जाते-जाते उन्होंने सफाईकर्मियों से दुर्व्यवहार के आरोप को लेकर भविष्य में विवाद होने की संभावना जताते हुए एडीओ (पंचायत) द्विजेंद्र सिंह के स्थानांतरण की संस्तुति मुख्य विकास अधिकारी को पत्र भेज कर कर गए। जानकार डीपीआरओ की इस संस्तुति को भी भविष्य में होने वाली जांच की संभावना को ध्यान में रखते हुए खुद के बचाव के रूप में की गई कार्रवाई मान रहे हैं।
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हिंदू युवा वाहिनी के नेता भी की थी शिकायत
विकास खंड कुंदरकी के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) द्विजेंद्र सिंह के विरुद्ध हिंदू युवा वाहिनी मुरादाबाद के धर्मेंद्र ठाकुर ने भी शिकायती प्रार्थना पत्र देते हुए अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति उनका व्यवहार ठीक न होने की शिकायत की थी। इस पर भी एडीओ पंचायत को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया था। जांच के दौरान विकास खंड कुंदरकी के ग्राम पंचायत सचिवों को भी लिखित बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। सचिवों ने लिखित बयान तो दर्ज नहीं कराया लेकिन द्विजेंद्र सिंह का व्यवहार ग्राम पंचायत सचिवों एवं सफाई कर्मियों के प्रति बेहद खराब होने की बात जरूर बताई थी। सफाई कर्मियों ने भी 13 जुलाई को एडीओ पंचायत के विरुद्ध धरना प्रदर्शन किया था।
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