मुरादाबाद। शहर में बने बारीक नक्काशी से तैयार धातु के लोटे केवल मुरादाबाद ही नहीं बल्कि पूरे देश में मशहूर हैं। रोजाना सैकड़ों लोटे शहर के कारीगरों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। इनका इस्तेमाल पूजा के लिए और रसोई में उपयोग के लिए किया जा रहा है।
स्टील, तांबे और पीतल के लोटे कई लोगों की रसोई में अपनी जगह बनाए हुए हैं, तो कई त्योहारों पर पूजा में इस्तेमाल किए जे रहे हैं। यह लोटे इटली के रोम में हो या भारत के लखनऊ में हर घर में रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। खासकर मुस्लिम लोगों के घरों में धार्मिक रीति-रिवाज के लिए उपयोग किए जा रहे हैं। शहर के तमाम निर्यातक पूरे भारत और विदेशों में लोटों का निर्यात कर रहे हैं। एक्सपोर्टर विशाल अग्रवाल बताते हैं कि उनके यहां साल में करीब तीन से चार लाख पीस तैयार किए जाते हैं। इनमें से 30 से 40 हजार लोटे निर्यात किए जाते हैं।
निर्यातक सुनील कुमार बताते हैं कि उनके यहां कारिगरों द्वारा अलग-अलग डिजाइन में हर साइज के लोटे तैयार किए जाते हैं। इनकी बिक्री मुरादाबाद में भी काफी होती है और साथ ही दूसरे शहरों और देशों में भी यह लोगों की पसंद बने हुए हैं। वह बताते हैं कि सालों से मुरादाबाद के लोटे महीन कारीगरी, उत्कृष्ट पॉलिशिंग और आकर्षक फिनिशिंग की वजह से देशभर में मशहूर हैं।
मंडी चौक के व्यापारी शिव गुप्ता बताते हैं कि शहर में त्योहारों पर इनकी बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। सहालग होने के कारण लोटों की बिक्री तेज है। कोई पूजा के लिए तो कोई रसोई में इस्तेमाल के लिए लोटे खरीद रहे हैं। इन लोटों के दाम 100 रुपये से 3500 रुपये तक है।
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शहर में 100 से अधिक कारखाने
शहर में 100 से अधिक कारखाने हैं जहां रोजाना हजारों लोटे तैयार किए जाते हैं। लोटों पर कई तरह की कलाकारी की जा रही है। फूल, पत्ते, ओम की नक्काशी वाले और चौड़े मुंह वाले और चांदी की पॉलिश वाले लोटे पसंद किए जा रहे हैं।
- नोमान मंसूरी, कारखानेदार
हमारे कारीगरों द्वारा तैयार लोटे पूरे देश में जाते हैं। कई लोग इन लोटों को पुराने रीति रिवाजों को पूरा करने के लिए एक दूसरे को भेंट करते हैं।
- मोहम्मद आतिफ
शहर में रोजाना हजारों लोटे तैयार होते और बिकते हैं। सालों पुराना बर्तन आज भी लोगों की पसंद बना हुआ है। इस दौरान दूसरे शहरों में भी इसकी मांग तेज है।
- सुप्रीत खन्ना, व्यापार मंडल अध्यक्ष
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हर माह दूसरे शहरों में लोटे भेजे जाते हैं। साथ ही शहर में भी अभी इसकी मांग तेज है। छोटे साइज वाले लोटे लोग ज्यादा खरीद रहे हैं।
- मुकुल अग्रवाल, निर्यातक